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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा फ्यूचर समूह

Last Updated- December 11, 2022 | 11:41 PM IST

फ्यूचर समूह ने सिंगापुर आर्बिट्रेशन आदेश पर स्थगन की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिंगापुर आर्बिट्रेशन के आदेश को सही ठहराया था, जिसने रिलायंस संग 24,700 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का आदेश दिया था। नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने आज फ्यूचर समूह के शेयरधारकों की असाधारण आम बैठक पर रोक लगा दी, जिसमें फ्यूचर समूह व रिलायंस रिटेल के बीच पिछले साल अगस्त में हुए सौदे पर मतदान होना था। सौदे पर मतदान के लिए फ्यूचर समूह की सूचीबद्ध फर्मों के शेयरधारकों की बैठक 10 नवंबर को होनी थी।
फ्यूचर समूह के तरफ से आवेदन दिए जाने के बाद कि वह ईजीएम के लिए कागजी काम नहींं कर पाया है, एनसीएलटी ने ईजीएम पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। फ्यूचर समूह नवंबर के आखिरी हफ्ते में ईजीएम आयोजित करना चाहता है। सुनवाई के दौरान अमेरिकी रिटेल दिग्गज एमेजॉन ने ईजीएम पर ऐतराज जताया। रविवार को फ्यूचर रिटेल के स्वतंत्र निदेशकों ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि फ्यूचर रिटेल दिवालिया होने के कगार पर है और इससे एफआरएल व समूह की अन्य कंपनियों को सरकारी बैंकों की तरफ से दिए गए 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज पर जोखिम पैदा होगा, साथ ही फ्यूचर समूह के 50,000 कर्मचारियों और 6,000 एसएमई को 10,000 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
ईजीएम का आयोजन एनसीएलटी के निर्देश के बाद हो रहा था ताकि रिलायंस रिटेल के साथ हुए सौदे पर शेयरधारकों की राय ली जा सके। इस सौदे का विरोध कर रही अमेरिकी कंपनी एमेजॉन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर चुकी है और उसने एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसने फ्यूचर समूह की सूचीबद्ध फर्मों को शेयरधारकों व लेनदारों की बैठक आयोजित करने की अनुमति दी थी। अपने आवेदन में एमेजॉन ने न्यायालय से एनसीएलटी के मुंबई पीठ के 28 सितंबर के आदेश पर स्थगन की मांग की है, लेकिन अभी सर्वोच्च न्यायालय में मामला लंबित है।
फ्यूचर रिटेल की प्रवर्तक इकाइयों में से एक फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड में एमेजॉन की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके बदले एफसीपीएल की फ्यूचर रिटेल में 9.9 फीसदी हिस्सेदारी है। चूंकि एमेजॉन व बियानी की प्रवर्तक इकाइयों ने गैर-प्रतिस्पर्धी करार पर हस्ताक्षर किए थे, लिहाजा एमेजॉन रिलायंस रिटेल के साथ हुए सौदे का विरोध कर रही है।

First Published - November 8, 2021 | 11:33 PM IST

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