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देसी परफ्यूम ब्रांडों की खुशबू में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, विस्तार के लिए जमकर जुटा रहे पूंजी

भारत में तेजी से बढ़ रहे परफ्यूम के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए, देसी ब्रांड अब कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी जुटा रहे हैं

Last Updated- January 09, 2026 | 10:02 PM IST
perfume
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत का इत्र और परफ्यूम उद्योग लंबे समय से आयातित लक्जरी ब्रांड और आम डिओडोरेंट के दबदबे में रहा है। कभी-कभार शौक के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली चीज अब रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही है। दरअसल युवा पीढ़ी, नए प्रयोग, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग और भारत को दुनिया के नक्शे पर उभारने की कोशिशें इसे बढ़ावा दे रही हैं। भारत में तेजी से बढ़ रहे परफ्यूम के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए, देसी ब्रांड अब कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी जुटा रहे हैं।

शशांक चौरे के नेतृत्व में इंदौर का ब्रांड, हाउस ऑफ ईएम5 इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कितनी तेजी से नए जमाने के परफ्यूम ब्रांड आगे बढ़ रहे हैं। इस ब्रांड ने अपने पहले साल (2022-23) में सिर्फ 900 ऑनलाइन ऑर्डर भेजे थे। आज, वे हर दिन 2,000 से ज्यादा ऑर्डर पर काम करते हैं और अपने अलग-अलग परफ्यूम उत्पादों की लगभग 80,000 बोतलें हर महीने बेचते हैं। इतना ही नहीं, कंपनी के साथ हर महीने लगभग 40,000 ग्राहक जुड़ते हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत बार-बार खरीदारी करने वाले ग्राहक हैं। अधिकांश ग्राहक 28 से 45 साल की उम्र के बीच के हैं।

उत्पादन के मोर्चे की बात करें तो कंपनी की मौजूदा 30,000 वर्गफुट की फैक्टरी, जिसमें हर महीने 60,000-80,000 यूनिट बनाने की क्षमता है, वह पूरी तरह से भर चुकी है। इंदौर में एक लाख वर्ग फुट की एक नई उत्पादन इकाई तैयार की जा रही है जिससे हर महीने दो लाख यूनिट बनाने की क्षमता हो जाएगी।

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हाउस ऑफ ईएम5 ने बोट के सह-संस्थापक अमन गुप्ता से पूंजी जुटाई है और अब तक लगभग 5-6 करोड़ रुपये अपने कामकाज और विस्तार में लगाए हैं। पिछले तीन सालों में, इस परफ्यूम ब्रांड ने लगभग 200 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और अगले तीन सालों में 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।

गुप्ता ने कहा, ‘भारतीय इत्र और परफ्यूम उद्योग एक अहम मोड़ पर है और वर्ष 2030 तक यह 4 अरब डॉलर से ज्यादा का बाजार बनने की राह पर है।’

दिसंबर 2025 में मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का इत्र बाजार  2030 तक 4.08 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है जो फिलहाल  2 अरब डॉलर है। उम्मीद है कि 2029 तक इस बाजार में 12.07 करोड़ उपयोगकर्ता होंगे।

गुजरात मुख्यालय वाले ब्रांड आदिल कादरी की स्थापना 2018 में हुई थी और इसने प्रीमियम इत्र और परफ्यूम ऑयल में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। इस ब्रांड ने शार्क टैंक इंडिया से 50 लाख रुपये जुटाए।

इसके अलावा भी फ्रैगानोट्स, हीरा फ्रैगरेंस इस बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। फ्रैगानोट्स ने अगस्त 2025 में रुकम कैपिटल से प्री-सीरीज ए राउंड में 10 लाख डॉलर जुटाए।

First Published - January 9, 2026 | 10:02 PM IST

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