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दिसंबर में इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश 6% घटा, SIP ने बनाया नया रिकॉर्ड

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निकासी 17 महीने के उच्चस्तर पर पहुंची, साल 2025 में शुद्ध निवेश में आई 10 फीसदी की गिरावट

Last Updated- January 09, 2026 | 10:27 PM IST
Mutual Fund

दिसंबर में इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं में शुद्ध निवेश में मासिक आधार पर 6 फीसदी की गिरावट आई और यह घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया। इसका मुख्य कारण यह था कि निवेश निकासी यानी रीडम्पशन में तेज बढ़ोतरी हुई जिसने कुल निवेश में वृद्धि को पीछे छोड़ दिया।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार सकल निवेश में 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 68,983 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। निकासी में 18 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 17 महीनों के उच्चतम स्तर करीब 41,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार इक्विटी फंडों में निवेश की गति हाल के महीनों में देखे गए रुझान के मुताबिक है।

सैमको एमएफ के सीईओ विराज गांधी ने कहा, लगातार पांचवें महीने हमने इक्विटी निवेश में पिछले 12 महीनों के औसत की तुलना में गिरावट देखी है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में देरी, मुद्रा अवमूल्यन, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निकासी और अस्थिरता में वृद्धि के कारण बाजार में घबराहट है।

इक्विरस वेल्थ के एमडी और बिजनेस हेड अंकुर पुंज के अनुसार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, यह नरमी मुख्य रूप से वैश्विक चुनौतियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण है, जिससे निवेशक ज्यादा सतर्क रुख अपना रहे हैं।

2025 में ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश 3.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024 के रिकॉर्ड उच्चस्तर 3.9 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 10 फीसदी कम है। यह गिरावट 2025 में भारत के इक्विटी बाजारों के सुस्त प्रदर्शन के बीच आई है, जो विशेष रूप से स्मॉलकैप क्षेत्र में बढ़े हुए उतार-चढ़ाव की वजह से गड़बड़ाया है।

लेकिन पूरे वर्ष व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) की वृद्धि दर बरकरार रही, भले ही एकमुश्त निवेश में कमी आई और निकासी में वृद्धि हुई। दिसंबर 2025 में सकल एसआईपी निवेश 31,002 करोड़ रुपये रहा जो अब तक का उच्चतम स्तर है और दिसंबर 2024 की तुलना में 17 फीसदी अधिक है।

आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के प्रबंध निदेशक और सीईओ ए बालासुब्रमण्यन ने कहा, दिसंबर में एसआईपी के रिकॉर्ड निवेश से यह साबित होता है कि एसआईपी योजनाएं भारतीय निवेशकों के जीवन का अभिन्न अंग बनती जा रही हैं। 2025 में म्युचुअल फंड योजनाओं के मामले में निवेशकों की पसंद में भी बदलाव आया। फ्लेक्सीकैप फंड, म्युचुअल फंडों की सोने-चांदी से जुड़ी पेशकशों और मल्टी-ऐसेट फंड ने व्यक्तिगत निवेशकों के निवेश का बड़ा हिस्सा हासिल कर लिया।

2024 में सेक्टोरल और थीमेटिक फंडों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप फंड सबसे लोकप्रिय योजनाएं थीं। फ्लेक्सीकैप फंड इक्विटी निवेश चार्ट में लगातार शीर्ष पर रहे हैं। दिसंबर में इन फंडों ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाया।

कोटक महिंद्रा एएमसी के खुदरा बिक्री प्रमुख ओवैस बख्शी ने कहा, इस साल लार्ज कैप शेयरों के मिड और स्मॉल कैप शेयरों से बेहतर प्रदर्शन करने के कारण फ्लेक्सीकैप श्रेणी में निवेश अधिक आया है। मल्टी-ऐसेट फंडों में भी मजबूत निवेश देखने को मिला है क्योंकि ये फंड इक्विटी, डेट और कमोडिटीज में निवेश कर सकते हैं। मल्टी ऐसेट फंडों ने पिछले महीने शुद्ध रूप से 7,426 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया।

कुल मिलाकर उद्योग ने 2025 में करीब 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। उसकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर 80 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गईं। एम्फी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट चलसानी ने कहा, सालाना आधार पर उद्योग के एयूएम में 19.9 फीसदी ​​की बढ़ोतरी हुई जो निवेशकों के विभिन्न वर्गों में म्युचुअल फंडों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।

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First Published - January 9, 2026 | 10:15 PM IST

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