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Google पर जुर्माना बरकरार, एनसीएलएटी ने गूगल के खिलाफ सीसीआई के आदेश को रखा बहाल

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Last Updated- March 29, 2023 | 11:17 PM IST
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राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील न्यायाधिकरण (NCLAT) ने भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) के उस आदेश पर मुहर लगा दी है जिसमें उसने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये जुर्माना लगाय़ा था।

ऐंड्रॉयड मोबाइल फोन के बाजार में अपने दबदबे का बेजा फायदा उठाने के लिए गूगल पर यह जुर्माना ठोका गया था। हालांकि, एनसीएलएटी ने सीसीआई के चार निर्देशों को निरस्त कर गूगल को राहत भी दी है।

ये निर्देश गैर-मौद्रिक दिशानिर्देशों से संबंधित थे जिनका अनुपालन करने पर गूगल को ऐंड्रॉयड मोबाइल पर अपने पहले से मौजूद ऐप्लिकेशन को हटाने की अनुमति देने के लिए बाध्य होना पड़ता। एनसीएलएटी ने वह निर्देश भी खारिज कर दिया जिसका अनुपालन करने पर गूगल को अलग-अलग ऐप स्टोर डेवलपर को अपने ऐप गूगल प्ले स्टोर के जरिये वितरित करने की अनुमति देने के लिए बाध्य होना पड़ता। गूगल के लिए यह चिंता का विषय रहा है और इसका मतलब होता कि दूसरे ऐप स्टोर भी गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल कर सकते थे।

इस बीच, गूगल एनसीएलएटी के आदेश के बाद कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। इस बारे में कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘एनसीएलएटी ने हमें अपनी बात रखने का मौका दिया जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। हम एनसीएलएटी के आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।‘

गूगल को केवल चार निर्देशों को छोड़कर सीसीआई के सभी निर्देशों का अनुपालन करने और जुर्माने का भुगतान करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।

इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने कहा कि सीसीआई के चार निर्देशों को खारिज एक संतुलित निर्णय दिया है। एनसीएलएटी ने सीसीआई का वह निर्देश निरस्त कर दिया जिसमें उसने कहा था कि गूगल उपयोगकर्ताओं को पहले से मौजूद ऐप हटाने से नहीं रोकेगी।

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First Published - March 29, 2023 | 11:17 PM IST

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