कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने में इस्तेमाल होने वाली ओरल ऐंटीवायरल टैबलेट फैविपिरावीर को मूल्य निर्धारण में काफी प्रतिस्पद्र्धा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इस बाजार में ज्यादा ब्रांड उतर रहे हैं। मुंबई की ग्लेनमार्क फार्मा ने जून में 103 रुपये प्रति टैबलेट के हिसाब से इस दवा की पेशकश की लेकिन हाल में इसे अपनी कीमत कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा और 79 रुपये प्रति टैबलेट के हिसाब से कीमत तय कर दी गई। पुणे की ब्रिंटन फार्मा को इस हफ्ते टैबलेट लाने की मंजूरी मिल गई और इसने 59 रुपये प्रति टैबलेट के आधार पर कीमत तय की है। अब मुंबई स्थित एक दूसरी कंपनी जेनबर्ट फार्मा ने इसे 39 रुपये प्रति टैबलेट के हिसाब से बाजार में बेचना शुरू किया है। उद्योग के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार सिप्ला सहित कई और ब्रांड लॉन्च के लिए तैयार हैं। लेकिन कीमतों को लेकर कड़ा मुकाबला बरकरार रहने की संभावना है। फैविपिराविर का उपयोग हल्के से मध्यम लक्षण वाले कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है। जेनबर्ट तेलंगाना राज्य में यूएसएफडीए (यूएस फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के मानकों के आधार पर संचालित होने वाले एक फार्मास्यूटिकल संयंत्र में फैविपिराविर (ब्रांड का नाम फैविवेंट है) तैयार करा रही है। यह दवा 10 गोलियों के एक पत्ते के आधार पर उपलब्ध होगी। इस साल की शुरुआत में भारतीय औषधि महानियंत्रक ने जापान में तैयार की गई एक एंटीवायरल दवा और भारत में एन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के हल्के से मध्यम लक्षण वाले मामलों के इलाज के लिए फैविपिराविर को एक ऐंटीवायरल दवा के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी। फैविपिराविर एक व्यापक स्पेक्ट्रम ऐंटीवायरल एजेंट है और यह विशेष तौर पर इन्फ्लूएंजा वायरस के आरएनए पॉलिमरेज को रोकने के साथ ज्यादा वायरस बनने से भी रोकता है।