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डीटीएच कंपनियां बढ़ाएंगी कैरिज शुल्क

Last Updated- December 07, 2022 | 3:42 PM IST

डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर अपनी सेवाएं देने के लिए कई टेलीविजन चैनल तैयार हैं।


इस बात को ध्यान में रखते हुए डिश टीवी, टाटा स्काई, सन डायरेक्ट के साथ और भी अन्य डीटीएच कंपनियां इस साल सालाना कैरिज शुल्क को 12 से 15 प्रतिशत बढ़ाने या लगभग 150-180 करोड़ रुपये कर सकती हैं।

वितरण कंपनियों -कैबल के साथ-साथ डीटीएच ऑपरेटरों को प्रसारणकर्ता उनके चैनलों को रखने के लिए शुल्क देते हैं, जिसे कैरिज शुल्क कहा जाता है। सूत्रों के अनुसार इसके फलस्वरूप इस वित्त वर्ष में वर्ष 2007-08 के मुकाबले डीटीएच ऑपरेटरों के लिए कैरिज शुल्क राजस्व में 5 गुना का इजाफा होगा।

पिछले वर्ष डीटीएच ऑपरेटर प्रसारणकर्ताओं की ओर से चुकाए गए कुल कैरिज शुल्क का सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत (25 से 30 करोड़ रुपये) ही अपने नाम कर पाए थे। प्रसारणकर्ता कैरिज शुल्क जरूर देते हैं, ताकि केबल या डीटीएच ऑपरेटर उनके चैनल की पोजीशनिंग प्राइम बैंड पर रखें, जिससे उसे अधिक से अधिक दर्शक देख पाएं।

उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुसार केबल की पहुंच लगभग 8 करोड़ घरों तक है इसलिए उसका राजस्व कैरिज शुल्क से लगभग 1,200 करोड़ रुपये है और उम्मीद है कि यह सिर्फ 10-15 प्रतिशत ही बढ़ेगा, क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा प्रसारणकर्ता केबल के मुकाबले डीटीची का चयन करेंगे। डीटीएच की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद डीटीएच कंपनियां 2 से 5 करोड़ रुपये तक प्रति चैनल के बीच सालाना कैरिज शुल्क ले रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केबल क्षेत्र में कैरिज शुल्क का भुगतान चैनल की शहर, राज्य के लिए प्राथमिकता या किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र पर निर्भर करता है।

डिश टीवी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हर महीने नए चैनल लॉन्च हो रहे हैं, जिसके साथ इस वित्त वर्ष में हमारे लिए कैरिज शुल्क आय का एक नया साधन हो सकता है और हमें ‘बैंडविड्थ शुल्क’, जिसे कैरिज शुल्क भी कहा जाता है, से 50-60 करोड़ रुपये तक आय होने की उम्मीद है।’ डिश टीवी ने पहले ही कई नए चैनलों के साथ 27-30 करोड़ रुपये तक के लिए कैरिज शुल्क सुरक्षित करने के लिए करार कर लिए हैं। डिश टीवी शेयर बाजार में सूचीबध्द फर्म है, कैरिज शुल्क से हुई आय कंपनी के बहीखाता में भी दिखाई देगी।

अन्य डीटीएच ऑपरेटर टाटा स्काई या डीडी डायरेक्ट प्लस (डीटीएच सेवा का सार्वजनिक प्रसारणकर्ता) का मानना है कि डीटीएच में बैंडविड्थ की कमी के कारण अगर नए चैनल उनके प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उन्हें इस तरक का शुल्क देना होगा। हालांकि नए प्रसारणकर्ताओं में से कुछ जो पहले ही डीटीएच ऑपरेटरों को कैरिज शुल्क का भुगतान कर चुके हैं, की अब कैरिज शुल्क के नियमों में पारदर्शिता की मांग है।

कलर, एनडीटीवी इमेजिंग और 9एक्स और अन्य नए चैनलों का कहना है कि उनके दर्शकों की संख्या अन्य चैनलों से काफी ज्यादा है, जो किसी तरह का कैरिज शुल्क नहीं देते। डीटीएच कंपनियों के लॉन्च के समय पर उपलब्ध होने के कारण इन चैनलों को यह सुविधा दी गई थी। हाल ही में लॉन्च हुए एक मनोरंजन चैनल के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, ‘हम चाहते हैं कि डीटीएच ऑपरेटरों का कैरिज शुल्क के बारे में एक साफ-साफ विचार सामने आए।

अगर डीटीएच प्लैटफॉर्म पर कमी है तो सिर्फ सबसे अधिक लोकप्रिय चैनलों (दर्शकों की संख्या के आधार पर) को ही प्रसारित किया जाए। अगर हमारे चैनल केबल के माध्यम से भी दर्शकों को आकर्षित करते हैं तो हम उन्हें क्यों शुल्क देते रहें।’ सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में 40-50 नए चैनलों के लॉन्च होने और कुछ अन्य डीटीएच कंपनियों (बिग टीवी, भारती एयरटेल और विडियोकॉम) के इस क्षेत्र में उतरने के साथ डीटीएच ऑपरेटरों के कैरिज शुल्क से आय अगले 12 महीनों में 5 गुना का इजाफा होगा। 

First Published - August 7, 2008 | 12:10 AM IST

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