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Delhivery Ecom Express Deal: कंपनियों ने CCI से मंजूरी की लगाई गुहार, ₹1400 करोड़ की डील पर सबकी नजरें

Delhivery एक लिस्टेड कंपनी है, जो इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सर्विसेज देती है। वहीं, Ecom Express का फोकस ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस पर है।

Last Updated- April 19, 2025 | 7:25 PM IST
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फोटो क्रेडिट: Delhivery

लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ा सौदा सामने आया है। Delhivery Ltd और Ecom Express ने मिलकर Competition Commission of India (CCI) से अपने 1,400 करोड़ रुपये के सौदे को हरी झंडी दिखाने की गुजारिश की है। इस डील के तहत Delhivery, Ecom Express में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदेगी, जिसके लिए वो 1,400 करोड़ रुपये नकद चुकाएगी। इस सौदे की घोषणा 5 अप्रैल को हुई थी, और अब इसे CCI की मंजूरी का इंतजार है।

Delhivery एक लिस्टेड कंपनी है, जो इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सर्विसेज देती है। वहीं, Ecom Express का फोकस ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस पर है। दोनों कंपनियां मिलकर लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती हैं। CCI को दी गई जानकारी में कहा गया है कि इस सौदे से भारत में किसी भी मार्केट में प्रतिस्पर्धा पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

क्या हैं सौदे की खास बातें?

इस सौदे में कुछ बिजनेस ओवरलैप की बात सामने आई है। CCI को दी गई नोटिस के मुताबिक, एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी और वेयरहाउसिंग व सप्लाई चेन सर्विसेज के लिए भारत को रिलेटेड मार्केट माना जा सकता है। इसके अलावा, वर्टिकल रिलेशनशिप की बात करें तो इंट्रालॉजिस्टिक्स ऑटोमेशन सर्विसेज (अपस्ट्रीम लेवल) और लॉजिस्टिक्स सर्विसेज (डाउनस्ट्रीम लेवल) को भी रिलेटेड मार्केट के तौर पर देखा जा सकता है। 

नोटिस में ये भी कहा गया है कि ये सौदा भारतीय अर्थव्यवस्था की उस जरूरत को पूरा करता है, जिसमें लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने, स्पीड बढ़ाने और पहुंच को बेहतर करने की मांग है। इस डील से दोनों कंपनियां अपने कस्टमर्स को बेहतर सर्विस दे पाएंगी। इसके लिए वो इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, नेटवर्क और कर्मचारियों पर और निवेश करेंगी। 

CCI का काम है कि वो ऐसे सौदों पर नजर रखे, जो मार्केट में अनुचित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे सकते हैं। इसलिए, एक तय सीमा से ज्यादा के सौदों को CCI की मंजूरी लेना जरूरी होता है। इस सौदे से लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं खुल सकती हैं, लेकिन सब कुछ CCI की अंतिम मंजूरी पर टिका है। 

First Published - April 19, 2025 | 7:23 PM IST

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