facebookmetapixel
Advertisement
अब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’CBSE का बड़ा फैसला: अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, OSM सिस्टम होगा लागूसियासी जंग का बमगोला बना तिरुपति का लड्डू, TDP और YSRCP में सियासी जंगब्रांड की दुनिया में स्मृति मंधाना का जलवा: पुरुषों के दबदबे वाले विज्ञापन बाजार में लिख रहीं नई इबादतभारत-अमेरिका ट्रेड डील में डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत का वादा, शुल्क मुक्त ई-ट्रांसमिशन पर होगी बात!IPO, QIP और राइट्स इश्यू से जुटाई रकम पर सेबी की नजर, नियम होंगे सख्त

ई-कॉमर्स से नहीं जुड़ने वाले छोटे और मझोले उद्यमों को संकट

Advertisement

ई-कॉमर्स से जुड़े एमएसएमई को फायदा, नहीं जुड़े तो अस्तित्व पर खतरा

Last Updated- September 19, 2023 | 10:46 PM IST
online delivery

इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च आन इंटरनैशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (इक्रियर) के ताजा अध्ययन के मुताबिक ई-कॉमर्स से नहीं जुड़ सके सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) की कठिनाई बढ़ी है। इक्रियर के मुताबिक उन्हें बाजार तक पहुंच में दिक्कत हो रही है और तकनीक ने उनके ‘अस्तित्व के लिए खतरा’ पैदा कर दिया है।

सर्वे के मुताबिक, ‘ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर एमएसएमई को फायदा हुआ है। वहीं जो फर्में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से नहीं जुड़ पाई हैं, अवसर के बजाय तकनीक उनके अस्तित्व के लिए खतरा हो सकता है।

ई-कॉमर्स से नहीं जु़ड़ सकी फर्मों को बाजार तक पहुंच बनाने में ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्लेटफॉर्म से जुड़ी फर्में दूरस्थ बाजारों तक पहुंच रही हैं।’

सर्वे के मुताबिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों से जुड़ी फर्मों को बिक्री, मुनाफा और निवेश बढ़ाने में लाभ हुआ है। सर्वे के मुताबिक ई-कॉमर्स से जुड़ी 63 प्रतिशत फर्में निर्यात केंद्रित हैं जबकि ई कॉमर्स न करने वाली 48 प्रतिशत फर्में ही निर्यात कर पाती हैं।

इसी तरह ई कॉमर्स से जु़ड़ी 35.5 प्रतिशत फर्मों का कारोबार 2021-22 के दौरान 1 करोड़ से 50 करोड़ रुपये के बीच रहा है। वहीं ई-कॉमर्स से दूर सिर्फ 15.6 प्रतिशत फर्मों का कारोबार ही 1 से 50 करो़ड़ रुपये के बीच रहा है।

Advertisement
First Published - September 19, 2023 | 10:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement