facebookmetapixel
India-US ट्रेड डील क्यों अटकी हुई है? जानिए असली वजहस्टॉक स्प्लिट के बाद पहला डिविडेंड देने जा रही कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनी! जानें रिकॉर्ड डेटट्रंप की नीतियों से खतरे में अमेरिका में 15 लाख प्रवासियों का लीगल स्टेटस40% चढ़ सकता है हेलमेट बनाने वाली कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने शुरू की कवरेज; ₹750 का दिया टारगेट₹140 के शेयर में बड़ी तेजी की उम्मीद, मोतीलाल ओसवाल ने दिया BUY कॉलबैंकिंग सेक्टर में लौट रही रफ्तार, ब्रोकरेज ने कहा- ये 5 Bank Stocks बन सकते हैं कमाई का जरियाहाई से 45% नीचे ट्रेड कर रहे Pharma Stock पर BUY रेटिंग, ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेटखुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में दहाड़ रहा ये IPO, 9 जनवरी से हो रहा ओपन; प्राइस बैंड सिर्फ 23 रुपयेGold, Silver Price Today: चांदी ऑल टाइम हाई पर, तेज शुरुआत के बाद दबाव में सोनासरकार ने तैयार की 17 लाख करोड़ रुपये की PPP परियोजना पाइपलाइन, 852 प्रोजेक्ट शामिल

Byju’s के CEO रवींद्रन के ऑफिस और घर ED की रेड, जानिए क्या है पूरा मामला

Last Updated- April 29, 2023 | 1:40 PM IST
कंपनी मंत्रालय का निर्देश, Byju’s मामले की जांच में तेजी लाएं, Company Ministry's instructions to speed up investigation into Byju's case

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को कहा कि उसने शिक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनी बायजूस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवींद्रन बायजू के बेंगलुरु स्थित कार्यालय और आवासीय परिसर पर छापे मारे तथा वहां से ‘‘आपत्तिजनक’’ दस्तावेज और डिजीटल डेटा जब्त किया।

ED ने एक बयान में बताया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के तहत हाल में कुल तीन परिसरों-दो कारोबारी और एक रिहायशी परिसर पर छापे मारे गए। जांच एजेंसी ने बताया कि उसने विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजीटल डेटा जब्त किए हैं।

ED ने बताया कि यह कार्रवाई कुछ लोगों से मिली ‘‘विभिन्न शिकायतों’’ के आधार पर की गई। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि रवींद्रन बायजू को ‘‘कई’’ समन भेजे गए, लेकिन वह ‘‘बचते रहे और कभी ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए।’’

तलाशी के दौरान पाया गया कि रवींद्रन बायजू की कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ को 2011 से 2023 के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के तहत करीब 28,000 करोड़ रुपये मिले।

एजेंसी ने कहा, ‘‘कंपनी ने भी इस अवधि के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नाम पर विभिन्न विदेशी प्राधिकारों को करीब 9,754 करोड़ रुपये भेजे।’’

First Published - April 29, 2023 | 1:40 PM IST

संबंधित पोस्ट