facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकार

ब्रुकफील्ड की परियोजना को आरईसी से ₹7,500 करोड़ की वित्तीय सहायता

Advertisement

उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी निजी परियोजना के लिए आरईसी द्वारा दी गई अब तक की सबसे बड़ी मंजूरी है

Last Updated- November 02, 2025 | 11:07 PM IST
Connor Teskey and Nara Lokesh
आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने सितंबर में ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट के अध्यक्ष कॉनर टेस्की से लंदन कार्यालय में मुलाकात की | फोटो : नारा लोकेश | X

सरकारी स्वामित्व वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी आरईसी लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश में ब्रुकफील्ड के स्वामित्व वाली परियोजना के लिए 7,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी निजी परियोजना के लिए आरईसी द्वारा दी गई अब तक की सबसे बड़ी मंजूरी है।

एवरेन आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 9,910 करोड़ रुपये के निवेश से 1.04 गीगावॉट की हाइब्रिड परियोजना विकसित कर रहा है, जिसमें से आरईसी 7,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। एवरेन स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र का प्लेटफॉर्म है, जिसे ब्रुकफील्ड ने ऐक्सिस एनर्जी के साथ संयुक्त उद्यम के रूप में भारत में शुरू किया है। ब्रुकफील्ड के पास एवरेन की 51.49 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसने आंध्र प्रदेश में कुरनूल और अनंतपुर में फैली 3 गीगावॉट से अधिक क्षमता वाली परियोजनाओं की योजना बनाई है।

ब्रुकफील्ड अक्षय ऊर्जा में दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में से एक है, जिसकी स्थापित क्षमता लगभग 46 गीगावॉट है तथा करीब 200 गीगावॉट की विकास की पाइपलाइन है। इस घटनाक्रम से अवगत सरकारी सूत्रों ने बताया, ‘कुरनूल परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। यह आरईसी द्वारा किसी निजी परियोजना के लिए अब तक की सबसे बड़ी मंजूरी है।’

Advertisement
First Published - November 2, 2025 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement