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29 दिग्गज शेयर 200-DMA के नीचे! क्या अब बेचने का समय आ गया? बता रहे एक्सपर्ट

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पश्चिम एशिया में तनाव से बाजार में भारी गिरावट, 24,000 के स्तर पर टिकी निवेशकों की नजर

Last Updated- March 04, 2026 | 11:06 AM IST
Market Crash

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में Nifty 50 में तेज गिरावट आई है। यह सूचकांक अपने 200-डे मूविंग एवरेज (DMA) 25,345 अंक से करीब 1,000 अंक नीचे कारोबार कर रहा है। पिछले शुक्रवार को इस अहम स्तर को पहली बार तोड़ा गया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है।

अल्फानिटी फिनटेक के को-फाउंडर और डायरेक्टर यू. आर. भट्ट के मुताबिक, अभी 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सहारा है। उन्होंने कहा कि अगर हालात और बिगड़ते हैं और परमाणु युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि, उन्हें ऐसा होने की संभावना कम लगती है।

उन्होंने कहा कि अगर तेल ढांचे पर असर पड़ता है, तो निफ्टी 23,500–23,700 के स्तर तक गिर सकता है।

तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी 50 के 50 में से 29 शेयर अपने 200-DMA से नीचे कारोबार कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं –

  • Infosys
  • Bharti Airtel
  • ITC
  • Hindustan Unilever
  • Bajaj Finance
  • HDFC Bank
  • ICICI Bank
  • Reliance Industries
  • Eternal

पिछले दो सत्रों में सबसे ज्यादा गिरावट Larsen & Toubro और InterGlobe Aviation में रही। दोनों शेयर करीब 11% गिरे, जबकि निफ्टी 50 इस दौरान 3.4% नीचे आया।

इसके अलावा,

  • Adani Ports
  • Tata Motors
  • Shriram Finance
  • Asian Paints
  • Maruti Suzuki
  • Adani Enterprises
  • Bajaj Finserv
  • Tata Steel
  • Jio Financial Services
  • Mahindra & Mahindra
  • UltraTech Cement
  • Eicher Motors

इन शेयरों में 5% से 7% तक की गिरावट देखी गई।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के अनुसार, अगर घबराहट में बिकवाली बढ़ती है तो 24,200–24,000 का स्तर अगला सहारा हो सकता है। अभी बाजार के संकेतक कमजोर हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 36 के आसपास है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब है, लेकिन अभी पलटाव का स्पष्ट संकेत नहीं है।

Nifty chart

MACD भी निगेटिव है, जो गिरावट के मजबूत रुझान को दिखाता है। उनका कहना है कि जब तक निफ्टी 25,300 के ऊपर मजबूती से नहीं जाता, तब तक बाजार में स्थिरता के संकेत नहीं मिलेंगे। फिलहाल “उछाल पर बेचने” की रणनीति बेहतर मानी जा रही है।

वैलेंटिस एडवाइजर्स के फाउंडर ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि पिछले 25 सालों के आंकड़े बताते हैं कि किसी भी सैन्य तनाव के बाद बाजार पहले गिरता है, लेकिन कुछ महीनों में संभल जाता है। औसतन 6% की गिरावट के बाद बाजार लगभग एक महीने में पुराने स्तर पर लौट आता है।

उन्होंने कहा कि इस गिरावट में वे धीरे-धीरे निवेश करने के मौके तलाश रहे हैं, हालांकि तेल की कीमतों पर नजर रखना जरूरी है।

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First Published - March 4, 2026 | 10:48 AM IST

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