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भारतपे के निवेशकों ने अशनीर की पेशकश ठुकराई

Last Updated- December 11, 2022 | 9:04 PM IST

भारतपे के प्रमुख निवेशकों ने सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर की कंपनी में अपनी 9.5 फीसदी हिस्सेदारी 4,000 करोड़ रुपये में बेचने की पेशकश ठुकरा दी। ग्रोवर ने कंपनी छोडऩे के एवज में इस कीमत पर हिस्सेदारी बिक्री की शर्त रखी थी।
ऐसा लगता है कि ग्रोवर ने इस भुगतान कंपनी का मूल्य करीब 6 अरब डॉलर आंका है, जो कंपनी द्वारा पिछले साल अगस्त में जुटाई गई धनराशि के बाद के मूल्यांकन 2.8 अरब डॉलर से काफी अधिक है। हालांकि कंपनी इस साल जनवरी में करीब 4 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर और पूंजी जुटाने की योजना बना रही थी।
निवेशकों और ग्रोवर के बीच झगड़ा कल और बढ़ गया। कंपनी ने कल घोषणा की कि कथित वित्तीय अनियिमितताओं को देखते हुए उसने ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन को बर्खास्त कर दिया है उनके स्टॉक ऑप्शन रद्द कर दिए हैं। जैन कंट्रोल्स प्रमुख थीं।
कंपनी के प्रमुख निवेशकों में सिकोया कैपिटल (19.6 फीसदी हिस्सेदारी), कोटू (12.4 फीसदी), रैबिट कैपिटल (11 फीसदी), बीनेक्स्ट (9.6 फीसदी) आदि शामिल हैं। निवेशकों ने कंपनी में 70 करोड़ डॉलर से अधिक रकम लगाई है। उन्होंने पूंजी जुटाने के बाद के चरणों में कंपनी में अपनी संयुक्त रूप से हिस्सेदारी बढ़ाकर 66 फीसदी से अधिक कर ली है, जबकि संस्थापकों की हिस्सेदारी में कमी आ रही है।
इस चर्चा में शामिल एक सूत्र ने कहा, ‘निवेशक ग्रोवर के शेयर खरीदने के लिए रकम क्यों खर्च करें? उनकी अल्पांश हिस्सेदारी है और वह इसे बनाए रख सकते हैं या आईपीओ या अन्य किसी निर्गम के समय निकासी कर सकते हैं। उन्हें कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिफल मिलेगा। उन्होंने जो कीमत आंकी, उसका कोई मतलब नहीं है।’
भारतपे के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कंपनी पहले ही प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (पीडब्ल्यूसी) को अपना ऑडिटर नियुक्त कर चुकी है और ऑडिट रिपोर्ट अगले सप्ताह तैयार होने की संभावना है। कंपनी के बोर्ड ने ‘प्रशासनिक समीक्षा’ के लिए कहा है। सूत्रों का कहना है कि भारतपे में अशनीर ग्रोवर के भविष्य का अंतिम फैसला निवेशक और बोर्ड ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद लेंगे।
ग्रोवर तीन महीने के स्वैच्छिक अवकाश पर गए हुए हैं। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक भारतपे हर महीने 5 करोड़ से अधिक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन की प्रोसेसिंग कर रही है। इसके सालाना थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन (टीपीवी) 7 अरब डॉलर से अधिक हैं। इसका देश के 35 शहरों में 50 लाख कारोबारियों का व्यापक नेटवर्क है।

First Published - February 24, 2022 | 11:01 PM IST

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