facebookmetapixel
चांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबावमुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का विश्वास: हर दिन असंभव को संभव कर दिखाएंगे भारतीयइंडियन ऑयल की अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोकेमिकल निर्यात बढ़ाने की तैयारी: CMD एएस साहनीUP Budget 2026: 11 फरवरी को आएगा उत्तर प्रदेश का बजट, विकास और जनकल्याण पर रहेगा फोकसEconomic Survey 2026: वै​श्विक खींचतान से निपटने के लिए स्वदेशी पर जोरसुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड यूनियनों को फटकारा, औद्योगिक विकास में रुकावट के लिए जिम्मेदार ठहरायाEconomic Survey में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर जोर: लाइव कॉन्सर्ट और रचनात्मकता से चमकेगी देश की GDPबारामती विमान दुर्घटना: जांच जारी, ब्लैक बॉक्स बरामद; DGCA सतर्कविदेशों में पढ़ रहे 18 लाख भारतीय छात्र, प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत: Economic Survey

BC Jindal Group 2.5 अरब डॉलर के निवेश के साथ रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में करेगा प्रवेश

भारत का अग्रणी समूह बीसी जिंदल समूह अक्षय ऊर्जा उत्पादन और सौर सेल व मॉड्यूल विनिर्माण व्यवसायों की देखरेख करेगा।

Last Updated- August 22, 2024 | 1:48 PM IST
Upper circuit in Suzlon as soon as the market opens, after 42% correction, opportunity to BUY again, Nuvama gave new target; Got 480% return in 2 years बाजार खुलते ही Suzlon में अपर सर्किट, 42% करेक्शन के बाद फिर BUY का मौका, Nuvama ने दिया नया टारगेट; 2 साल में 480% मिला रिटर्न
Representative image

बीसी जिंदल समूह ने भारत के अक्षय ऊर्जा (आरई) क्षेत्र में प्रवेश की बृहस्पतिवार को घोषणा की। उसकी इसमें अगले पांच साल में 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की योजना है।

कंपनी के बयान के अनुसार, ओडिशा के अंगुल में 1,200 मेगावाट ताप विद्युत उत्पादन के मौजूदा खंड के साथ बीसी जिंदल समूह ने उसके अक्षय उद्यम के लिए एक समर्पित इकाई की स्थापना की है। बयान में कहा गया, समूह अगले पांच वर्षों में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है।

भारत का अग्रणी समूह बीसी जिंदल समूह अक्षय ऊर्जा उत्पादन और सौर सेल व मॉड्यूल विनिर्माण व्यवसायों की देखरेख करेगा। इसमें कहा गया, जिंदल इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी (जेआईआरई) का लक्ष्य सौर, पवन, हाइब्रिड और एफडीआरई मोड से पांच गीगावाट बिजली उत्पन्न करना है।

जेआईआरई के कार्यकारी निदेशक पुनीत गुप्ता ने कहा, ‘‘ भारत की वर्तमान ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने के लिए ‘ब्राउन एनर्जी’ अब भी प्रमुख है… हमारा लक्ष्य अपनी मौजूदा बिजली कंपनी की ताकत का लाभ उठाकर अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख इकाई के तौर पर काम करना है…’’ जेआईआरई, बीसी जिंदल समूह के अंतर्गत काम करती है। इसकी स्थापना 1952 में बीसी जिंदल ने की थी।

First Published - August 22, 2024 | 1:48 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट