भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई में ऋणदाताओं ने यूनाइटेड ब्रूअरीज लिमिटेड (यूबीएल) में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के शेयर बेचने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। ऋणदाता इस बारे में पीएमएलए (धन शोधन निवारक अधिनियम) अदालत से हरी झंडी मिलने के बाद एसबीआई कैप्स के साथ बात कर रहे हैं। यूबीएल में माल्या की 16.15 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत आज की तारीख में 5,500 करोड़ रुपये है। माल्या की हिस्सेदारी को थोक सौदे में बेचा जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूबी समूह के पूर्व चेयरमैन माल्या के खिलाफ धन शोधन मामले में 9,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं। पीएमएलए अदालत के कल के आदेश के बाद ईडी इन संपत्तियों से कब्जा छोड़ देगा ताकि बैंक इन्हें बेचकर अपना कुछ बकाया वसूल सकें।
माल्या के खिलाफ ईडी इसलिए जांच कर रहा है क्योंकि उनकी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस बैंकों का कर्ज नहीं चुका पाई। ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू की तो माल्या भारत से भाग गया। इससे बैंक बड़ी मुश्किल में आ गए। एक सूत्र ने कहा कि बैंक अपने बकाये वसूलने के लिए चालू तिमाही में ही शेयर बेच सकते हैं। माल्या ने कई बार सोशल मीडिया पर कहा था कि वह इस समस्या के समाधान के लिए बैंकों के सामने कई पेशकश रख चुके हैं और अब फैसला उनके हाथ में है।
हालांकि पीएमएलए अदालत ने कहा कि अगर बाद में माल्या निर्दोष निकलता है तो बैंकों को बकाया वसूलने के बाद संपत्तियां माल्या को वापस देनी होंगी। पहले बैंक बेंगलूरु में ऋण वसूली न्यायाधिकरण में गए थे, जिसने बैंकों को माल्या की संपत्तियां बेचने की मंजूरी दे दी थी। संपत्तियां कुर्क करने वाले ईडी ने बिक्री पर आपत्ति जताई और दिल्ली में पीएमएलए अदालत चला गया। था। अब ईडी माल्या की संपत्तियों से कब्जा छोडऩे पर राजी हो गया है ताकि बैंक बकाया वसूल सकें। इन संपत्तियों में यूबीएल के 5,500 करोड़ रुपये के शेयर भी शामिल हैं।