facebookmetapixel
Advertisement
फैक्ट्रियों की रफ्तार पड़ी धीमी! जून में मैन्युफैक्चरिंग PMI तीन महीने के निचले स्तर परKharif Crops: धान, दाल, कपास… किस फसल की बुवाई सबसे ज्यादा घटी? जानिए पूरी तस्वीरGST कलेक्शन जून में 14% बढ़कर ₹1.95 लाख करोड़, आयात से टैक्स रेवेन्यू 35% बढ़ादिल्ली की नई EV पॉलिसी से Ather, Mahindra और Tata को मिलेगी रफ्तार! पूरे देश में तेज होगी इले​क्ट्रिक रेसGold, Silver Price Today: सोना ₹1,578 और चांदी ₹5,505 टूटी, क्या अब और गिरेंगे भाव?Fuel Price: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता! इस कंपनी ने ग्राहकों को दी बड़ी राहतAdvit Jewels की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, लिस्टिंग के साथ निवेशकों को 37% तक का मुनाफाक्रिप्टो से ट्रंप की तगड़ी कमाई! एक साल में ₹12,000 करोड़ से ज्यादा की इनकमAMFI की नई लिस्ट जल्द, BSE और Vodafone Idea समेत कई शेयरों की बदल सकती है कैटेगरीजुलाई में पैसा कमाने का मौका? ब्रोकरेज ने बताए टॉप 10 खरीदने और बेचने वाले स्टॉक्स

आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया की इनकम घटी

Advertisement
Last Updated- February 09, 2023 | 8:44 PM IST
ArcelorMittal

बिक्री में कमी और कमजोर ढुलाई की वजह से दिसंबर तिमाही में आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) का एबिटा सालाना आधार पर 62.75 प्रतिशत घटकर 16.2 करोड़ डॉलर रह गया।

आर्सेलर मित्तल और निप्पॉन स्टील के बीच इस संयुक्त उपक्रम के लिए एक साल पहले की अवधि में, एबिटा 43.5 करोड़ डॉलर पर था।

तिमाही आधार पर एबिटा 20.4 करोड़ डॉलर रहा, जो 20.58 प्रतिशत तक की गिरावट है। तिमाही में कच्चे इस्पात उत्पादन और माल ढुलाई में सालाना और तिमाही आधार पर कमजोरी दर्ज की गई।

दिसंबर तिमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 16 लाख टन था, जो पूर्ववर्ती तिमाही के मुकाबले 2.3 प्रतिशत तक कम है और एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 12.1 प्रतिशत कम है।

इस्पात ढुलाई 16 लाख टन रही जो पूर्ववर्ती तिमाही के मुकाबले 2.5 प्रतिशत और एक साल पहले की अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत कम थी।

हालांकि बिक्री कीमत कमजोर थी, लेकिन कंपनी ने कहा है कि उसका व्यवसाय भारत द्वारा इस्पात निर्यात पर शुल्क लगाए जाने के बाद प्रभावित हुआ।

AM/NS India का एबिटा पूर्ववर्ती वर्ष के 2 अरब की तुलना में पूरे वर्ष के लिए 1.2 अरब डॉलर पर रहा। कच्चे इस्पात का उत्पादन 67 लाख टन रहा जो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत कम है और इस्पात ढुलाई 6 प्रतिशत घटकर 65 लाख टन रह गई।

वैश्विक इस्पात दिग्गज जनवरी-दिसंबर के वित्त वर्ष पर अमल करती है। एएम/एनएस इंडिया में आर्सेलर मित्तल की 60 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक आर्सेलर मित्तल के वित्तीय परिणाम से मार्जिन दबाव का संकेत मिला है।

Advertisement
First Published - February 9, 2023 | 8:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement