facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

अदाणी ग्रुप ने MPS मानदंडों से बचने के लिए ऑफशोर कंपनियों का इस्तेमाल किया: OCCRP

OCCRP ने UAE के नासिर अली शाबन अहली और ताइवान के चांग चुंग-लिंग की ऑफशोर कंपनियों के प्रमुख लाभार्थी के तौर पर पहचान की है, जिनके जरिये अदाणी समूह के शेयरों में पैसा लगाया गया

Last Updated- September 01, 2023 | 12:22 PM IST
Adani Green Energy जुटाएगी 40.9 करोड़ डॉलर, फंड का यहां करेगी इस्तेमाल, Adani Green Energy will raise $409 million, will use the funds here

ऑर्गनाइज्ड क्राइम ऐंड करप्शन रिपोर्टिग प्रोजेक्ट (OCCRP) ने आरोप लगाया है कि अदाणी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों में 25 प्रतिशत न्यूनतम सार्वनिक शेयरधारिता (एमपीएस) मानकों से बचने के लिए समूह के संस्थापक गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी के दो सहायकों का इस्तेमाल किया गया था।

ओसीसीआरपी ने संयुक्त अरब अमीरात के नासिर अली शाबन अहली और ताइवान के चांग चुंग-लिंग की ऑफशोर कंपनियों के प्रमुख लाभार्थी के तौर पर पहचान की है, जिनके जरिये अदाणी समूह के शेयरों में पैसा लगाया गया। यहां इस क​थित पूंजी प्रवाह के बारे में नीचे समझाया जा रहा है:

– चांग और अहली द्वारा चार ऑफशोर कंपनियां स्थापित की गईं
– इन ऑफशोर कंपनियों ने बरमुडा में ग्लोबल अपॉरच्युनिटीज फंड (जीओएफ) नाम के एक बड़े निवेश फंड में लाखों डॉलर भेजे
– जीओएफ ने बदले में इमर्जिंग इंडिया फोकस फंड्स (ईआईएफएफ) और ईएम रीसर्जेंट फंड (ईएमआरएफ) की सदस्यता ली
– ईआईएफएफ और ईएमआरएफ** ने अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स ऐंड सेज, अदाणी पावर और अदाणी ट्रांसमिशन में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की

नोट्स: अदाणी समूह ने कहा है कि उसने इन आरोपों का खंडन किया है। इस निवेश से जुड़ी चार कंपनियां थीं – लिंगो इन्वेस्टमेंट (बीवीआई)- जिस पर चांग का स्वामित्व था, मिड ईस्ट ओसन ट्रेड (मॉरिशस)-अहली जिसका बेनी​​​फिशल ऑनर था, गल्फ ए​शिया ट्रेड ऐंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (बीवीआई)- जिसा नियंत्रण अहली के पास था।

** इन दो फंडों में निवेश निर्णय विनोद अदाणी के दुबई ​स्थित सहायक द्वारा नियं​त्रित एक निवेश सलाहकार कंपनी के हाथ में था, ऐसा आरोप लगाया गया

First Published - September 1, 2023 | 12:03 AM IST

संबंधित पोस्ट