facebookmetapixel
Advertisement
Mumbai CNG Price Hike: मुंबई में फिर महंगी हुई CNG और PNG, दो हफ्ते में दूसरी बार बढ़े गैस के दामअहमदाबाद में IPL फाइनल की धूम: आसमान छू रहा हवाई किराया, होटलों की बुकिंग में भी भारी उछालसिर्फ सरकारी पैसों के भरोसे नहीं चलेगा काम, घरेलू बचत से ही बदलेगी देश की तस्वीरRBI की चेतावनी: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ेगा महंगाई का दबाव, मॉनसून की बेरुखी भी बढ़ाएगी संकटरुपये में रिकॉर्ड तेजी: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से दो महीने की सबसे बड़ी बढ़त, डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर परकुपोषण से उबर रहे भारत में अब मोटापा व मधुमेह बनी नई चुनौती, एक साल में 218% बढ़ी दवाओं की बिक्रीट्रक ड्राइवरों के लिए रेटिंग सिस्टम लाएगी सरकार, कौशल और चालान के आधार पर मिलेगी रैंकिंगSC का बड़ा फैसला: आदेश सुरक्षित रखने के 3 महीने के भीतर सुनाना होगा निर्णय, देरी पर बदलेगी पीठचुनावी वादे पूरे करना नवनिर्वाचित सरकारों के लिए साबित होगा भारी-भरकम सिरदर्दEditorial: देश के प्रमुख जलाशयों में तेजी से घट रहा पानी, अधिकतर नदी बेसिन गंभीर जल संकट के कगार पर

गेहूं की कम पैदावार और अधिक कीमत से किसानों को राहत! सरकारी खरीद केंद्र सूने, खुले बाजार में ही दाम आसमान पर

Advertisement

उत्तर प्रदेश में इस सीजन के लिए गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं पर अभी तक कई क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है।

Last Updated- March 28, 2025 | 5:30 PM IST
Wheat
फोटो क्रेडिट: Pixabay

कम पैदावार और खुले बाजार में ऊंची कीमतों के चलते इस बार उत्तर प्रदेश में सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। खुले बाजार में गेहूं की अधिक कीमत के साथ मिल रही तमाम सहूलियतों के चलते किसान सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में इस सीजन के लिए गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं पर अभी तक कई क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है। प्रदेश में खुले 5000 सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक 30 टन गेहूं ही खरीदा जा सका है। इसका बड़ा कारण खुले बाजार में आढ़तियों से मिलने वाला अच्छा भाव है। प्रदेश सरकार ने जहां गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति कुंतल तय किया है वहीं खुले बाजार में किसानों को आसानी से 2550 रुपये प्रति कुंतल से ज्यादा की कीमत मिल रही है। अच्छी क्वालिटी का आरआर 21 वैरायटी के गेहूं का आढ़तीये किसानों को 2600 से 2700 रुपये तक की कीमत दे रहे हैं। इसके अलावा आढ़तिए किसानों से सीधे खलिहान में ही खरीद कर ले रहे हैं और उन्हें भाड़े का भुगतान नहीं करना पड़ रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की क्वालिटी को लेकर छानबीन खासी होती है और नमी, दाने के पतले आदि होने जैसी कमियों के नाम पर किसानों से कटौती की जाती है। खुले बाजार में माल बेचने पर इस तरह की दिक्कत नहीं आती है।

राजधानी लखनऊ में पांडे गंज गल्ला मंडी के आढ़ती राजा तिवारी बताते हैं कि बाजार में गेहूं और आटे के भाव बीते दो सालों से चढ़े हुए हैं और आगे भी बढ़ने की संभावना है। उनका कहना है कि इस बार पैदावार भी पिछले साल के मुकाबले कम लिहाजा व्यापारी ज्यादा कीमत देकर भी खरीद कर रहे हैं। तिवारी के मुताबिक अगले एक महीनों में खुले बाजार में 2900 रुपये क्विंटल के भाव पर खरीद हो सकती है।

गौरतलब है कि बीते दो सालों से उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद कमजोर जा रही है। इसका बड़ा कारण खुले बाजार में मिल रही अच्छी कीमतें हैं। पिछले साल प्रदेश सरकार ने 60 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य रखा था जिसके मुकाबले केवल 9.31 लाख टन की ही खरीद हुई थी। इससे पहले वर्ष 2023-24 में तो खरीद केवल 2.19 लाख टन की ही थी। प्रदेश में 17 मार्च से शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद 15 जून तक चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी खरीद में अभी दिखने वाली कमी का बड़ा कारण खुले बाजार में अच्छी कीमत तो हैं ही इसके अलावा प्रदेश के बड़े हिस्से में अभी कटाई का काम चल रहा है। उनका कहना है कि अप्रैल-मई के महीने में खरीद का आंकड़ा सुधरेगा।

वहीं किसान नेता कर्ण सिंह का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर नमी, कमजोर दाने के नाम पर पैसों की कटौती होती है और इसके अलावा भाड़े का खर्च भी वहन करना पड़ता है। वहीं आढ़तीये एडवांस पैसे तक देकर माल खरीद रहे हैं और तुरंत भुगतान भी कर रहे हैं।

Advertisement
First Published - March 28, 2025 | 5:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement