facebookmetapixel
सेना दिवस: भैरव बटालियन ने जीता लोगों का दिल, ब्रह्मोस मिसाइल ने दिखाई अपनी ताकतX ने AI चैटबॉट ग्रोक से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरों पर लगाया बैन, पेड यूजर्स तक सीमित किया कंटेंट क्रिएशनI-PAC दफ्तर की तलाशी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ED की याचिका पर बंगाल सरकार से जवाब, FIR पर रोकवै​श्विक वृद्धि के लिए हमारी रणनीति को रफ्तार दे रहा भारत, 2026 में IPO और M&A बाजार रहेगा मजबूत27 जनवरी को भारत-ईयू एफटीए पर बड़ा ऐलान संभव, दिल्ली शिखर सम्मेलन में तय होगी समझौते की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: टाइगर ग्लोबल को टैक्स में राहत नहीं, मॉरीशस स्ट्रक्चर फेलएशिया प्राइवेट क्रेडिट स्ट्रैटिजी के लिए KKR ने जुटाए 2.5 अरब डॉलर, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीचीन के कदम से देसी प्लास्टिक पाइप कंपनियों को दम, पिछले एक साल में शेयर 23% टूटेसेबी लाएगा म्युचुअल फंड वर्गीकरण में बड़ा बदलाव, पोर्टफोलियो ओवरलैप पर कसेगी लगामRIL Q3FY26 results preview: रिटेल की सुस्ती की भरपाई करेगा एनर्जी बिजनेस, जियो बनेगा कमाई का मजबूत सहारा

पंजाब में इस्पात की कीमतें सालभर के निचले स्तर पर

Last Updated- December 08, 2022 | 1:04 AM IST

वैश्विक बाजार में आई मंदी का असर शायद पंजाब के इस्पात उद्योग पर कुछ अधिक ही हुआ है।


यहां स्टील की कीमतें घट कर एक साल के न्यूनतम स्तर 26,000 रुपये प्रति टन पर आ गई हैं जिससे राज्य के स्टील उत्पादकों का मुनाफा (मार्जिन) पूर्णत: खत्म हो गया है।

ऑल इंडिया स्टील री-रॉलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विनोद वशिष्ठ ने कहा, ‘वैश्विक बाजार में चल रहे उठापटक से राज्य के स्टील उत्पादक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं क्योंकि पिछले कुछ दिनों में राज्य में स्टील की कीमतें काफी अधिक घटी हैं।’

कारोबारियों ने बताया कि इस साल 42,000 रुपये प्रति टन के अधिकतम स्तर पर पहुंचने के बाद इन्गॉट की कीमतें घट कर 26,000 रुपये प्रति टन रह गई हैं। गोविन्दगढ़ मंडी के एक विश्लेषक राज सूद ने कहा, ‘पंद्रह दिनों पहले इन्गॉट की कीमतें 35,000 प्रति टन के आस पास थी और तबसे अभी तक कीमतों में 25 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। यह साल की सबसे बड़ी गिरावट है।’

विशेषज्ञों ने बताया कि वैश्विक बाजार में स्क्रैप (स्टील इन्गॉट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्रमुख कच्चा माल) की कीमतों में आई भारी गिरावट के कारण स्टील की कीमतों में कमी आई है।

एक स्टील कंपनी के मालिक प्रकाश चंद गर्ग ने कहा, ‘स्क्रैप की कीमतों में अचानक आई कमी से स्टील उत्पादकों को कई कराड़ रुपये का घाटा हुआ है। इस वजह से स्क्रैप के आयात के लिए दी गई अग्रिम राशि से उन्हें हाथ धोना पड़ा है।’ इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि स्क्रैप के आयातक भारी घाटे की चिंता के कारण प्रेषित सामानों की डिलिवरी नहीं ले रहे हैं।

First Published - October 22, 2008 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट