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रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: RBI के हस्तक्षेप के बावजूद डॉलर की मांग से दबाव बरकरार

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डीलरों ने बताया कि कारोबार के अंत तक स्थानीय मुद्रा में कुछ मजबूती आई जो संभवतः भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर की बिकवाली के जरिये हस्तक्षेप के कारण हुई

Last Updated- December 01, 2025 | 10:34 PM IST
Rupee

रुपया सोमवार को 89.79 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर आ गया। इसकी वजह गैर-डिलिवरी वाली फॉरवर्ड पोजीशन का परिपक्व होना और आयातकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग थी। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता न होने से भी बाजार की धारणा कमज़ोर हो रही है।

डीलरों ने बताया कि कारोबार के अंत तक स्थानीय मुद्रा में कुछ मजबूती आई जो संभवतः भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर की बिकवाली के जरिये हस्तक्षेप के कारण हुई। यह 89.56 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जबकि पिछली बार यह 89.46 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। चालू वित्त वर्ष में रुपये में अब तक 4.56 फीसदी की गिरावट आई है जबकि चालू कैलेंडर वर्ष में इसमें 4.4 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।

कोटक सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख (मुद्रा, कमोडिटी और ब्याज दर डेरिवेटिव) अनिंद्य बनर्जी ने कहा, संभवतः आरबीआई ने स्थिति को थोड़ा शांत करने के लिए इन उच्चस्तरों पर हस्तक्षेप किया होगा। कई कारकों ने डॉलर-रुपया विनिमय दर को नए शिखर पर पहुंचाया। इनमें एनडीएफ एक्सपायरी से संबंधित मांग की रिपोर्ट, आयातकों की मजबूत मांग और भारत-अमेरिका व्यापार तनाव को लेकर जारी अनिश्चितता शामिल है जो अक्सर व्यापक व्यापार युद्ध की कहानी में मुद्रा को शिकार बना देती है।

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उन्होंने कहा, आगे की बात करें तो 90 का स्तर महत्त्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर है। हम उम्मीद करते हैं कि जैसे-जैसे दर उस सीमा के करीब पहुंचेगी, आरबीआई हस्तक्षेप जारी रखेगा। नीचे की ओर समर्थन 88.80 से 89 के आसपास है। जब तक हम 88.80 से नीचे निरंतर ट्रेड नहीं देखते, हम शीर्ष के बारे में कुछ नहीं कह सकते। अगर यह रुपया 90 से ऊपर जाता है तो अगला स्तर 91.5 प्रति डॉलर के आसपास देखने लायक होगा।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर के अंत तक आरबीआई की शॉर्ट डॉलर फॉरवर्ड पोजीशन बढ़कर 63 अरब डॉलर हो गई। सितंबर के अंत तक कुल डॉलर शॉर्ट पोजीशन 59 अरब डॉलर थीं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बने रहने की संभावना है क्योंकि अमेरिकी डॉलर की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर्निहित असंतुलन बना रह सकता है। निकट भविष्य में हाजिर डॉलर-रुपये को 89.95 पर प्रतिरोध और 89.30 पर समर्थन मिल रहा है।

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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट जारी है। भारतीय रिजर्व बैंक रुपये को 90 प्रति डॉलर के पार जाने से रोकने के लिए अपना सुरक्षा उपाय जारी रखे हुए है। आरबीआई के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 21 नवंबर को समाप्त सप्ताह में कुल मुद्रा भंडार 4.47 अरब डॉलर घटकर 688 अरब डॉलर रह गया। इस दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 1.6 अरब डॉलर घटकर 560 अरब डॉलर रह गईं।

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First Published - December 1, 2025 | 10:20 PM IST

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