facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: HAL से मेगा ऑर्डर, Zepto की ₹1,000 करोड़ फंडिंग, RailTel के नतीजे… आज इन शेयरों में दिख सकती है तेजीअमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, सख्त रुख से बाजार की चिंता बढ़ीविदेशी निवेशकों की खरीदारी से लगातार दूसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स 274 अंक मजबूतबजाज फाइनैंस का पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन, प्रॉफिट 29% बढ़ा, एसेट क्वालिटी में सुधारAI पर बड़ा दांव, बजाज फाइनैंस ने 10 साल में ₹40 लाख करोड़ AUM का रखा लक्ष्यRBI की मौद्रिक नीति से पहले जियो क्रेडिट, हीरो फिनकॉर्प समेत कंपनियों ने बॉन्ड से ₹2,520 करोड़ जुटाएदेशभर में केवल E-20 पेट्रोल बिक्री के लिए उपलब्ध, रसीद पर एथनॉल प्रतिशत दिखाना जरूरी नहीं: गडकरीप्राकृतिक आपदाओं से अनाज का नुकसान 77% घटा, FCI ने भंडारण व्यवस्था को बताया सुरक्षितGSTN ने नई E-Way Bill सुविधाएं वापस लीं, फिलहाल पुराने नियम ही रहेंगे लागूNEP 2020 के 6 साल बाद भी अधूरे लक्ष्य, फंडिंग और ढांचागत कमी बनी सबसे बड़ी चुनौती

Mustard Price: मजबूत मांग से सरसों की कीमतों में तेजी, महीने भर में करीब 500 रुपये क्विंटल बढ़े दाम

Advertisement

बीते एक महीने से सरसों के भाव सुधर रहे हैं। महीने भर में सरसों के भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ चुके हैं।

Last Updated- August 03, 2023 | 4:51 PM IST
Mustard seeds

सरसों (Mustard) की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसकी वजह आवक कमजोर पड़ना है। साथ ही इसकी मांग बढ़ने से भी कीमतों में तेजी को सहारा मिला है। इस तेजी से पहले सरसों के भाव में सुस्ती देखी जा रही थी क्योंकि इस साल सरसों की बंपर पैदावार हुई है।

महीने भर में करीब 500 रुपये क्विंटल बढ़े सरसों के दाम

बीते एक महीने से सरसों के भाव सुधर रहे हैं। महीने भर में सरसों के भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ चुके हैं। सरसों की बेंचमार्क मंडी जयपुर में सरसों 5,950 रुपये बिक रही है। महीने भर पहले भाव 5,400 से 5,500 रुपये क्विंटल था। सरसों के भाव बढ़ने की वजह इसकी आवक कमजोर पड़ना है।

कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल ने बताया कि जून महीने के दौरान मंडियों में करीब 2.35 लाख टन सरसों की आवक हुई थी, जो जुलाई महीने में घटकर 2.05 लाख टन रह गई। आवक 12 फीसदी से ज्यादा घटने के कारण सरसों की कीमतों में तेजी आई है। आवक के साथ ही सरसों की मांग बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि बारिश और आगे त्योहारों के दौरान सरसों तेल की खपत बढ़ने की उम्मीद में तेल मिल वालों की ओर से सरसों की मांग बढ़ी है। जानकारों के मुताबिक त्योहारी मांग को देखते हुए आगे भी सरसों की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है।

इस साल देश में सरसों की बंपर पैदावार

किसानों को बीते दो साल सरसों की ऊंची कीमत मिली। जिससे उन्होंने सरसों की खेती खूब की। इस कारण इस साल सरसों की बंपर पैदावार हुई । सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल देश में रिकॉर्ड 128.18 लाख टन सरसों पैदा होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 119.63 लाख टन उत्पादन से 7.14 फीसदी ज्यादा है।

इस साल लक्ष्य से भी ज्यादा सरसों पैदा हुई। सरकार ने इस साल 121 लाख टन सरसों उत्पादन का लक्ष्य रखा था, जबकि उत्पादन लक्ष्य से 5.93 फीसदी अधिक हुआ।

Advertisement
First Published - August 3, 2023 | 4:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement