facebookmetapixel
अमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्त

Jeera Price: उत्पादन बढ़ने से सस्ता हुआ जीरा, 15 दिन में भाव 10 फीसदी से ज्यादा गिरे

Jeera Price: इस साल जीरे का उत्पादन 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ने का अनुमान। इस माह आवक करीब 29 फीसदी बढ़ी।

Last Updated- March 26, 2024 | 7:44 PM IST
jeera bhav today

Jeera Price: पिछले साल जीरे की महंगाई से परेशान उपभोक्ताओं को इस साल राहत मिल रही है। जीरे का उत्पादन बढ़ने से इसकी कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। इस महीने जीरे के भाव 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं। आगे भी इसकी कीमतों में सुस्ती रह सकती है। पिछले साल जीरे के भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच कर 65 हजार रुपये प्रति क्विंटल पार कर गए थे।

इस महीने कितना सस्ता हुआ जीरा?

इस महीने जीरे के भाव में सुस्ती देखने को मिल रही है। बीते 15 दिन से जीरे के भाव लगातार गिर रहे हैं। कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर 11 मार्च को जीरे के अप्रैल अनुबंध ने 26,540 रुपये के भाव पर दिन का उच्च स्तर छुआ था। इसके बाद यह अनुबंध गिरकर आज 23,415 रुपये प्रति क्विंटल पर दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस तरह बीते 15 दिन में जीरे के वायदा भाव 10 फीसदी से ज्यादा घट चुके हैं। इस दौरान जीरा की अहम मंडी ऊंझा में जीरे के थोक भाव 26,500 रुपये से घटकर 24,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं।

इस साल कितना हो सकता है जीरे का उत्पादन?

इस साल जीरे के उत्पादन में काफी वृद्धि होने का अनुमान है। कारोबारी अनुमान के मुताबिक इस साल देश में 90 से 95 लाख बोरी जीरे का उत्पादन हो सकता है। पिछले साल 55 से 60 लाख बोरी (55 किलो)उत्पादन हुआ था। इस तरह इस साल जीरे के उत्पादन में 60 फीसदी से ज्यादा इजाफा हुआ है।

Also read: होली के दौरान सस्ते हुए तेल-तिलहन, बढ़ेगा ‘सॉफ्ट आयल’ का आयात

जीरा क्यों हो रहा है सस्ता?

कमोडिटी जानकारों के अनुसार जीरा सस्ता होने की वजह उत्पादन बढ़ने के कारण जीरे की आवक बढ़ना है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी व करेंसी के हेड अनुज गुप्ता ने कहा कि इस साल जीरे का उत्पादन काफी ज्यादा हुआ है और इस समय जीरे की आवक जोरों पर हैं। इसलिए आवक बढ़ने से जीरे के दाम गिर रहे हैं।

कमोडिटी के दाम व आवक के आंकड़े रखने वाली एजेंसी एगमार्कनेट (Agmarknet) के मुताबिक इस महीने 25 मार्च तक मंडियों में 68,513 टन जीरे की आवक हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में हुई 53,179 टन आवक से 28.83 फीसदी ज्यादा है। मुख्य उत्पादक राज्य गुजरात में आवक में करीब 30 फीसदी और राजस्थान में करीब 20 फीसदी इजाफा हुआ है।

First Published - March 26, 2024 | 7:44 PM IST

संबंधित पोस्ट