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भारतीय गहनों की विदेशों में चमक पड़ी फीकी, नवंबर में जेम्स और ज्वैलरी का निर्यात 13 फीसदी घटा

नवंबर में तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात पिछले साल की समान अवधि के 110.65 करोड़ डॉलर की तुलना में 39.81 प्रतिशत घटकर 66.60 करोड़ डॉलर रह गया।

Last Updated- December 18, 2024 | 7:49 PM IST

रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ( (GJEPC) ) ने बुधवार को कहा कि लंबे समय तक भू-राजनीतिक तनाव के कारण नवंबर में रत्न और आभूषण (gems and jewellery) निर्यात 12.94 प्रतिशत घटकर 198.62 करोड़ डॉलर (16,763.13 करोड़ रुपये) रह गया है।

नवंबर, 2023 में रत्न और आभूषण निर्यात 228.14 करोड़ डॉलर का रहा था। जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात पिछले साल की समान अवधि के 110.65 करोड़ डॉलर की तुलना में 39.81 प्रतिशत घटकर 66.60 करोड़ डॉलर रह गया।

नवंबर के दौरान पॉलिश किए गए प्रयोगशाला में तैयार हीरों का निर्यात (अस्थायी आंकड़ा) पिछले वर्ष के 10.91 करोड़ डॉलर की तुलना में 42.37 प्रतिशत घटकर 6.28 करोड़ डॉलर रह गया।

हालांकि, सादे सोने के आभूषणों का निर्यात नवंबर में 72.12 प्रतिशत बढ़कर 65.28 करोड़ डॉलर का हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 37.92 करोड़ डॉलर का हुआ था।

जीजेईपीसी के पूर्व अध्यक्ष कॉलिन शाह ने कहा, ‘‘लंबे समय से चल रहा भू-राजनीतिक तनाव भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, जिसके कारण पिछले महीने में तेजी देखने के बाद निर्यात में मंदी आई है। इसलिए, भू-राजनीतिक मोर्चे पर कोई भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम आने वाले समय में व्यापार गतिविधियों को बाधित करना जारी रख सकता है। हालांकि, छुट्टियों के मौसम के करीब होने के कारण, हमें उम्मीद है कि बढ़ती खरीदारी की भावना से मांग में तेजी बनी रहेगी।’’

First Published - December 18, 2024 | 7:45 PM IST

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