facebookmetapixel
Advertisement
CDS अनिल चौहान का बड़ा बयान! थिएटर कमांड से बदलेगी भारत की सैन्य रणनीति, चीन-पाकिस्तान पर सख्त संदेशदिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये पार, लेकिन इन देशों में 3 रुपये लीटर से भी कम में मिल रहा तेलटाटा ग्रुप में हलचल तेज! बोर्ड बैठक से पहले नोएल टाटा-चंद्रशेखरन की अहम मुलाकात, बड़े फैसलों के संकेतAI और Biotech की वजह से भारत में बढ़ रही Pharma Jobs! अगले 3 साल में बड़ा उछाल‘Yellow Kurti’ टाइप करते ही मिलेगा परफेक्ट प्रोडक्ट! Flipkart Shopsy का AI गेम शुरूभारत में 4 साल में 0 से 12 सेमीकंडक्टर प्लांट, अश्विनी वैष्णव ने बताई पूरी रणनीति5 रुपये महंगा हुआ ईंधन और बदल गई कार खरीदने की सोच! EV की तरफ भाग रहे ग्राहक’21 से 19 PE गिर भी जाए तो डरने की जरूरत नहीं’ DSP MF CIO ने बताया कहां से बनेगा असली पैसाStock Market Update: सेंसेक्स में 800 अंकों की तूफानी छलांग! Nifty 23900 के पार, Eicher Motors में 5% की रफ्तारPetrol-Diesel Rate Today: पेट्रोल-डीलज के दाम ₹2.71 तक बढ़े, 10 दिन में चौथी बार बढ़ी कीमतें

कच्चे तेल पर छूट के लिए इराक व UAE से भारत करेगा जल्द बातचीत

Advertisement

इराक ने जून में रूस से सस्ती दर पर कई तरह का कच्चा तेल मुहैया करवाया था। इराक ने रूस की तुलना में औसतन 9 डॉलर प्रति बैरल सस्ता कच्चा तेल उपलब्ध करवाया था

Last Updated- August 20, 2023 | 11:15 PM IST
'पेट्रोलियम राष्ट्रीय संपत्ति', तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 2024 पर संसद में बोली सरकार 'Petroleum is national asset', government said in Parliament on Oil Sector (Regulation and Development) Amendment Bill 2024

भारत कच्चे तेल पर छूट के लिए शीघ्र ही इराक और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से बातचीत करेगा। सूत्रों के मुताबिक भारत रूस से मिल रही छूट की तरह इन दोनों देशों से निश्चित दर की छूट को लेकर बातचीत करेगा।

कई अधिकारियों और उद्योग के दिग्गजों के मुताबिक भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता इराक अनुमानित छूट के मामले भारतीय तेल शोधन इकाइयों से बातचीत करना चाहता है। भारत ने रूस से सस्ता मिलने के कारण ज्यादा तेल खरीदना शुरू कर दिया था जिससे उसी अनुपात में भारत का पश्चिमी देशों से तेल खरीदना कम हो गया था। इसका परिणाम यह हुआ कि इराक, सऊदी अरब और यूएई से तेल की आपूर्ति कम हो गई है।

हालांकि रूस के यूराल स्तर के कच्चे तेल का कारोबार 60 डॉलर प्रति स्तर के करीब हुआ है और इससे परे कारोबार करने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ता। भारत को अप्रैल के बाद से ज्यादातर रूसी कच्चे तेल की बिक्री दुबई बेंचमार्क पर हुई है और इस पर औसतन 8-10 डॉलर प्रति बैरल छूट मिली है। आईओसीएल के अधिकारी ने बताया कि भारत की तेल कंपनियां इस भाव से कम पर तेल खरीदना चाहती हैं।

बेचने वाले छूट देने को तैयार

इराक ने जून में रूस से सस्ती दर पर कई तरह का कच्चा तेल मुहैया करवाया था। इराक ने रूस की तुलना में औसतन 9 डॉलर प्रति बैरल सस्ता कच्चा तेल उपलब्ध करवाया था। लिहाजा मूल्य को लेकर अत्यधिक संवदेनशील बाजार ने इराक से कच्चे तेल को खरीदना पसंद किया। जी-7 देशों ने रूस के कच्चे तेल पर 5 दिसंबर, 2022 तक 60 डॉलर प्रति बैरल का प्राइस कैप लगा रखा है जिससे इराक से कच्चा तेल खरीदने का रुझान कायम रहा।

हालांकि रूस ने कच्चे तेल के नए खरीदारों भारत और चीन को निरंतर आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी मूल्यों का विकल्प मुहैया करवाया था। इसका कारण यह भी है कि यूरोप को आपूर्ति बंद होने के कारण रूस निर्यात की जाने वाली कच्चे तेल की मात्रा को बरकरार रखना चाहता है। लिहाजा यह रुझान कायम रहा।

कच्चे तेल की बॉस्केट को बढ़ाने की जरूरत

अधिकारियों के मुताबिक कच्चे तेल की नियमित आपूर्ति के लिए पश्चिम एशिया के बाहर से भी तेल खरीदा जाए। अन्य अधिकारी के मुताबिक भारत को इराक को तेल के मुख्य आपूर्तिकर्ता इराक के अलावा भी तेल की आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है।

Advertisement
First Published - August 20, 2023 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement