facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

भारत करेगा 1.8 करोड़ टन चावल निर्यात, प्रतिबंधों के बावजूद ग्लोबल मार्केट में बनी रहेगी प्रमुख भूमिका: USDA

वैश्विक फसल का रिकॉर्ड उत्पादन मुख्य रूप से भारत, चीन, बांग्लादेश और इंडोनेशिया में उत्पादन बढ़ने की वजह से हो रहा है।

Last Updated- May 14, 2024 | 8:42 AM IST
Basmati rice stuck in Iran-Israel war, 1.5 lakh tonnes of goods stuck at ports: Prices fell by 12%

प्रतिबंधों के बावजूद चावल के वैश्विक बाजार में भारत प्रमुख भूमिका में बना रहेगा। अमेरिका के कृषि विभाग (यूएसडीए) के हाल के अनुमान में कहा गया है कि 2024-25 में भारत करीब 1.8 करोड़ टन चावल का निर्यात करेगा, जबकि 2023-24 में करीब 2 करोड़ टन चावल का निर्यात हुआ था।

इसमें कहा गया है कि वैश्विक व्यापार में भारत के चावल निर्यात का अहम हिस्सा होगा, लेकिन यह भारत द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 में किए गए रिकॉर्ड 2.2 करोड़ टन की तुलना में बहुत कम रहेगा।

चावल के वैश्विक बाजारों के बारे में यूएसडीए ने कहा है कि 2024-25 में आपूर्ति, व्यापार, खपत और अंतिम स्टॉक में बढ़ोतरी होगी। 52.76 करोड़ चन के रिकॉर्ड उत्पादन के आंकड़ों के साथ आपूर्ति साल दर साल बढ़ रही है।

वैश्विक फसल का रिकॉर्ड उत्पादन मुख्य रूप से भारत, चीन, बांग्लादेश और इंडोनेशिया में उत्पादन बढ़ने की वजह से हो रहा है।

वैश्विक खपत रिकॉर्ड 52.64 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा चावल भारत, फिलीपींस, इंडोनेशिया और बांग्लादेश में खाया जाता है।

First Published - May 12, 2024 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट