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India sugar production: शुष्क मौसम और रोगों के कारण भारत में चीनी उत्पादन घटकर 276 लाख टन होने का अनुमान

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उत्तर प्रदेश में रेड रोट रोग और महाराष्ट्र में शुष्क मौसम से गन्ना उत्पादन प्रभावित, चीनी निर्यात पर संकट की संभावना

Last Updated- January 14, 2025 | 10:24 PM IST
Sugar cane crushing-production

भारत में चीनी का उत्पादन कम होने का अनुमान है। भारत के गन्ने में रोग लगने और बीते साल के शुष्क मौसम के कारण चीनी मिलों को आपूर्ति बाधित हो सकती है। विश्व में गन्ने की सबसे ज्यादा पैदावार करने वाला दूसरा बड़ा देश भारत है। कारोबारियों और चीन मिलों के छह अनुमानों के औसत के अनुसार एथेनॉल बनाने बाद वर्ष 2024-25 में सितंबर के अंत तक चीनी उत्पादन करीब 276 लाख टन होने का अनुमान है।

यह बीते साल के मुकाबले 44 लाख टन हो सकता है। यह एक साल के पहले के अनुमान से 44 लाख टन कम है और हालांकि इंडियन शुगर ऐंड बॉयो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अनुमान 292 लाख टन से भी कम है। श्रीरेणुका शुगर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक रवि गुप्ता के मुताबिक ‘गन्ने की पिराई मध्य के करीब आ गई है और अब तेजी से बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि मुझे नहीं लगता है कि चीनी उत्पादन अनुमान पर खरा उतर पाएगा।’ उन्होंने बताया, ‘उत्तर प्रदेश में रेड रोट रोग और महाराष्ट्र में शुष्क मौसम के कारण गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ है। यह चीनी मिलों के लिए चिंता का विषय है।’

सर्वेक्षण के औसत अनुमानों के अनुसार 2019-20 के बाद इस साल सबसे कम उत्पादन होने का अनुमान है और यह घरेलू खपत से कम हो सकता है। यह भारत के निर्यात पर प्रतिबंध बढ़ाने पर खतरा पैदा करता है। प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश के किसान अयाज अख्तर (43) ने बताया कि गन्ने की फसल में रेड रोट रोग का प्रकोप बढ़ने के कारण कम क्षेत्र में फसल लगाई है। अब अख्तर ने आलू की पैदावार कर रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस रोग का इलाज नहीं दिख रहा है।

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First Published - January 14, 2025 | 10:24 PM IST

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