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Gold price surge: डॉलर की कमजोरी से सोना 2 महीने के हाई पर, 3,000 डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद

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ट्रंप की नीतियों की अनिश्चितता से सोने को मजबूती, विशेषज्ञों ने इसे सुरक्षित निवेश माना; चांदी में हल्की गिरावट

Last Updated- January 21, 2025 | 10:29 PM IST
Gold surges past $3,100 as US tariffs

अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से मंगलवार को सोना अपने दो माह से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की कारोबारी नीतियों की अनिश्चितता को लेकर इस मूल्यवान धातु की खरीदारी को मदद मिली है। ग्रीनविच मीन टाइम 1059 पर सोने का हाजिर मूल्य 0.4 प्रतिशत बढ़कर 2,719.52 डॉलर प्रति औंस हो गया और यह 6 नवंबर के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सोने का हाजिर मूल्य अक्टूबर के सर्वकालिक 2,790.15 डॉलर के करीब पहुंच गया।

प्रमुख समकक्ष मुद्राओं की तुलना में डॉलर सूचकांक बीते सत्र में 0.6 प्रतिशत गिरकर 2 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे अन्य मुद्राओं के लिए भी सोना अधिक आकर्षक बन गया। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के सोमवार को पद संभालने के भाषण के दौरान तत्काल शुल्क नहीं लगाए जाने के कारण अमेरिका में सोने का वायदा मूल्य 0.6 प्रतिशत गिरकर 2,732.60 डॉलर हो गया और इससे हाजिर दरों पर प्रीमियम कम हो गया।

हालांकि ट्रंप ने सुझाव दिया था कि निकट भविष्य में कनाडा और मेक्सिको पर शुल्क लगाए जा सकते हैं। ब्रोकर माइंड मनी की मुख्य कार्याधिकारी जूलिया खांडोशको के अनुसार ट्रंप की नीतियों की अनिश्चितता से मार्केट को फायदा पहुंचने की उम्मीद है और इस साल के मध्य तक सोना 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। आर्थिक और भूराजनीतिक अनिश्चितता के दौर में सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है।

स्टोनएक्स के विश्लेषक रौना ओ कोनेल ने कहा, ‘बाजार दृढ़ता से जोखिम मोड में है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि सोने की कीमत में गिरावट होने से बोलियों में इजाफा हो सकता है।’ हालांकि ट्रंप की नीतियों को महंगाई बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है। इससे अमेरिका के केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें लंबे समय तक उच्च दर पर रखनी पड़ सकती हैं। ऐसे में सोने पर दबाव बढ़ सकता है। चांदी का हाजिर मूल्य 0.2 प्रतिशत गिरकर 30.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

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First Published - January 21, 2025 | 10:29 PM IST

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