facebookmetapixel
‘हमें अमेरिकी बनने का कोई शौक नहीं’, ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप की बात को ठुकराया, कहा: हम सिर्फ ‘ग्रीनलैंडर’Bonus Issue Alert: अगले हफ्ते दो कंपनियां अपने निवेशकों को देंगी बोनस शेयर, रिकॉर्ड डेट फिक्सDMart Q3 Results: Q3 में मुनाफा 18.28% बढ़कर ₹855 करोड़ के पार, रेवेन्यू ₹18,100 करोड़ पर पहुंचाभारत पहुंचे US के नए राजदूत गोर,कहा: वापस आकर अच्छा लग रहा, दोनों देशों के सामने कमाल के मौकेCorporate Action: स्प्लिट-बोनस-डिविडेंड से बढ़ेगी हलचल, निवेशकों के लिए उत्साह भरा रहेगा अगला हफ्ताIran Protest: निर्वासित ईरानी शाहपुत्र पहलवी का नया संदेश- विरोध तेज करें, शहरों के केंद्रों पर कब्जे की तैयारी करें350% का तगड़ा डिविडेंड! 5 साल में 960% का रिटर्न देने वाली कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफाSuzuki ने उतारा पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access, बुकिंग हुई शुरू! जानें कीमत65 मौतें, 2311 गिरफ्तारी के बाद एक फोन कॉल से सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज….आखिर ईरान में हो क्या रहा है?US Visa: अमेरिकी वीजा सख्ती ने बदला रुख, भारतीय एग्जीक्यूटिव्स की भारत वापसी बढ़ी

Budget 2023: कॉमर्स मिनिस्ट्री ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव रखा

Last Updated- December 30, 2022 | 6:19 PM IST
Gold silver price today

वाणिज्य मंत्रालय ने रत्न एवं आभूषण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आगामी बजट में सोने पर आयात शुल्क घटाए जाने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार ने गत जुलाई में सोने पर आयात शुल्क 10.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। सरकार ने यह कदम चालू खाता के घाटे में कमी लाने और सोने के बढ़ते आयात पर काबू पाने के इरादे से उठाया था। सोने पर बुनियादी सीमा शुल्क 12.5 प्रतिशत लगता है जबकि 2.5 प्रतिशत की दर से कृषि अवसंरचना विकास उपकर लगता है।

इस तरह कुल प्रभावी आयात शुल्क 15 प्रतिशत हो जाता है। सूत्रों ने बताया कि रत्न एवं आभूषण उद्योग की मांगों को ध्यान में रखते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से आगामी बजट में इस तरह का प्रस्ताव रखने की मांग की है। सूत्रों ने कहा, ‘वाणिज्य मंत्रालय ने रत्न-आभूषण के विनिर्माण एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ अन्य उत्पादों पर भी आयात शुल्क में बदलाव की मांग रखी है।’

रत्न एवं आभूषणों के निर्यात से जुड़े हितधारक आयात शुल्क में कटौती की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। रत्न एवं आभूषण निर्यात प्रोत्साहन परिषद (जीजेईपीसी) के पूर्व चेयरमैन कोलिन शाह ने कहा कि उद्योग ने एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में निर्यात को बढ़ावा देने वाले कदमों की घोषणा की उम्मीद लगाई हुई है।

शाह ने कहा, ‘सोने के आयात शुल्क में कटौती और आभूषण के लिए एक प्रगतिशील मरम्मत नीति आने से इस क्षेत्र को व्यापक लाभ होंगे। हम इस बात को लेकर भी आशांवित हैं कि कच्चे हीरे पर संभावित कराधान और प्रयोगशाला में हीरा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले बीज पर शुल्क को खत्म किया जाएगा।’

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश से रत्न एवं आभूषण का निर्यात दो प्रतिशत बढ़कर 26.45 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान सोने का आयात 18.13 प्रतिशत घटकर 27.21 अरब डॉलर पर आ गया। सोने का आयात कम होने से चालू खाते का घाटा कम करने में मदद मिलती है।

First Published - December 30, 2022 | 5:59 PM IST

संबंधित पोस्ट