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हरिद्वार में हालिया बाढ़ से 53,000 हेक्टेयर में बोई गई फसल बर्बाद

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जोशी ने कहा कि क्षतिग्रस्त फसलों में गन्ना, धान और सब्जियां शामिल हैं। कृषि ऋण की वसूली पर तीन महीने की रोक लगी।

Last Updated- July 24, 2023 | 5:56 PM IST
Crops sown in 53,000 hectares ruined by recent floods in Haridwar

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर, खानपुर और मंगलौर में हालिया बाढ़ से 53,000 हेक्टेयर से अधिक रकबे में बोई गई फसल नष्ट हो गई है। राज्य के कृषि मंत्री ने यह जानकारी दी है। उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को जिले के 35 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार नुकसान लगभग 38 करोड़ रुपये का होने का आंका गया है। जिले में 91 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसलें बोई गई थीं।

गन्ना, धान और सब्जियां की फसलों को हुआ नुकसान

जोशी ने कहा कि क्षतिग्रस्त फसलों में गन्ना, धान और सब्जियां शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित घोषित किया जाएगा और किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुआवजे के अलावा वह मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुसार किसानों को आपदा राहत कोष से वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध करेंगे।

Also read: धान की बुआई 21 जुलाई तक 3 फीसदी बढ़ी, दलहन का रकबा 10 फीसदी घटा

कृषि ऋण की वसूली पर तीन महीने की रोक

जोशी ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से कृषि ऋण की वसूली पर तीन महीने की रोक रहेगी और उनकी ब्याज माफी की मांग पर भी विचार किया जाएगा।

जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य अवसंरचना और औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के रासायनिक अपशिष्ट, जो बाढ़ के दौरान खेतों में चले गए, ने भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस मामले को देखने के लिए कहा गया है।

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First Published - July 24, 2023 | 5:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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