facebookmetapixel
Advertisement
सूरज निकला तो बिजली, नहीं निकला तो नुकसान? Renewable कंपनियां इससे कैसे बच रही हैं?Stock Market Today: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में तेजी के संकेत, GIFT Nifty 172 अंक उछलाLIC OFS को संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, आज रिटेल निवेशकों के लिए खुला ऑफरRBI MPC August 2026: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज करेंगे रीपो रेट का ऐलान; जानें लाइव स्ट्रीमिंग, समय और पूरी डीटेल80 डॉलर से नीचे ब्रेंट, 75 डॉलर से नीचे WTI; तेल बाजार में बड़ी गिरावटStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरू

भारत, अमेरिका ने ICET की पहली बैठक की : White House

Advertisement
Last Updated- February 01, 2023 | 10:52 AM IST
India and US relation

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने यहां अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन के साथ मिलकर ‘इनीशिएटिव फॉर क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ (आईसीईटी) की पहली उच्च-स्तरीय बैठक की। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।

व्हाइट हाउस ने मंगलवार को डोभाल और सुलिवन के बीच आईसीईटी की पहली बैठक के समापन के बाद एक ‘फैक्ट शीट’ (तथ्यात्मक जानकारी) में कहा, ‘‘हम आपसी विश्वास और भरोसे पर आधारित एक मुक्त, सुलभ और सुरक्षित प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेगा।’’

मई 2022 में तोक्यो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच बैठक के बाद पहली बार एक संयुक्त बयान में आईसीईटी का उल्लेख किया गया था।

इसका मकसद दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सामरिक प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना व विस्तारित करना है।

व्हाइट हाउस ने कहा, ‘‘ अमेरिका और भारत इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रौद्योगिकी को डिज़ाइन, विकसित, शासित और उपयोग करने के तरीकों में हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सार्वभौमिक मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाएगा। हम आपसी विश्वास और भरोसे पर आधारित एक मुक्त, सुलभ और सुरक्षित प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों तथा लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेगा।’’

डोभाल और सुलिवन ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के प्रशासक, नेशनल साइंस फाउंडेशन के निदेशक, नेशनल स्पेस काउंसिल के कार्यकारी सचिव और विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

भारत की ओर से अमेरिका में भारत के राजदूत, भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष, दूरसंचार विभाग में सचिव, रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के महानिदेशक शामिल थे।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

Advertisement
First Published - February 1, 2023 | 10:52 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement