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खर्च तो और बढ़ेगा जनाब!

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Last Updated- December 10, 2022 | 1:17 AM IST

सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष (2008-09) का कुल खर्च अनुमान संशोधित करते हुए इसमें 20 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद जाहिर की है।
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में 2009-10 का अंतरिम बजट पेश करते हुए बताया कि सब्सिडी और किसानों की कर्ज माफी के चलते कुल खर्च में यह बढ़ोतरी होगी। इस तरह, 2008-09 में कुल खर्च का संशोधित अनुमान 9,00,953 करोड़ रुपये हो गया है।
इस तरह शुरुआती अनुमान की तुलना में अब इस मद में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हो गई है। वित्त वर्ष 2009-10 के लिए हालांकि कुल खर्च में महज 6 फीसदी यानी 52 हजार करोड़ रुपये की ही वृद्धि का अनुमान है। अंतरिम बजट में अनुमान जताया गया है कि 2009-10 में कुल खर्च 9,53,231 करोड़ रुपये रहेगा।
बहरहाल 52 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि का जो अनुमान जताया गया है, उसका दो-तिहाई हिस्सा ब्याज में बढ़ोतरी के चलते बढ़ा है। विभिन्न परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए सरकार फिलहाल तेजी से उधार ले रही है। ऐसे में कर्ज और ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
मार्च 2010 तक अनुमान है कि देश का कुल कर्ज जीडीपी का 58.2 फीसदी हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2012 तक इसे 51.1 फीसदी तक ले आया जाए।
पिछले तीन वित्तीय वर्ष से आर्थिक विकास की दर 9 फीसदी से अधिक बने रहने के बाद मौजूदा वित्त वर्ष में इसके 7.1 फीसदी तक गिरने के अनुमान को देखते हुए सरकार की योजना सरकारी निवेश बढ़ाने की है, ताकि अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके।
जानकारों के मुताबिक, संशोधित अनुमान में पूंजीगत व्यय में महज 5 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है। राजस्व खर्चों में 22 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

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First Published - February 17, 2009 | 12:02 AM IST

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