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गोल्ड ईटीएफ में बड़े निवेश की पाबंदी हटी, Tata MF समेत कई फंड्स ने खोले रास्तेरुपये पर दबाव, कच्चे तेल और एमपीसी के संकेत से बॉन्ड यील्ड में बढ़तभारत में मोबाइल निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार, सरकार की 62,500 करोड़ रुपये की योजनाडेरिवेटिव में प्रॉप ट्रेडर्स ने कमाया ₹44,483 करोड़, खुदरा निवेशकों को ₹91,685 करोड़ का नुकसानसितंबर से महंगी होंगी टाटा की कारें और EV, कीमतों में 25,000 रुपये तक बढ़ोतरीकॉरपोरेट बॉन्ड में खुदरा निवेशकों की पहुंच बढ़ाने का इरादा, सेबी का वितरण मॉडल का प्रस्तावत्योहारी मांग की तैयारी में ऑटो कंपनियां, जुलाई में यात्री वाहनों का उत्पादन 26% बढ़ाबैंकों की नकल कर रहे फर्जी ऐप पर शिकंजा, Google से अकाउंट हटाने को कहासेंसेक्स सिर्फ 3 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,252 पर, क्यों थम गई बाजार की रफ्तार?सेंसेक्स में आखिरी मिनटों में हेराफेरी का मामला, SEBI ने कसा शिकंजा! जानिए क्या है पूरा मामला?

लेखक : राजेश कुमार

आज का अखबार, लेख

अंदरूनी हालात से परेशान पाकिस्तान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। इस आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान एवं उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर हमले हवाई हमले किए। इसके बाद दोनों देशों में सैन्य झड़प शुरू हो गई जिसमें भारत ने पाकिस्तान […]

आज का अखबार, लेख

टैरिफ के खतरे से निपटने की क्या हो रणनीति?

अब यह स्पष्ट हो चुका है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, वैश्विक व्यापार व्यवस्था को उलट-पुलट देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हालांकि नई व्यवस्था का स्वरूप क्या होगा यह भी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप और उनके करीबी सहयोगियों के दिमाग में जो भी बातें हों लेकिन अंतिम परिणाम संभवतः उससे काफी अलग होगा। […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बजट

Budget 2025: अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कर दिए जादुई उपाय

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई 2024 में जब नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया था तब से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर काफी बदल चुकी है। उस समय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़े ही आए थे, जिनके मुताबिक उसमें 8.2 फीसदी वृद्धि […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: राजकोषीय प्रबंधन के लिए कार्य योजना जरूरी

वित्त वर्ष 2025-26 का बजट कुछ ही हफ्तों में पेश कर दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों की केंद्रीय बजट से अलग-अलग उम्मीदें हैं मगर इस स्तंभ में मुख्य रूप से बजट के इतर राजकोषीय प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है। खबरों के अनुसार केंद्र सरकार 2025-26 के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: भारत के पास विदेशी मुद्रा भंडार की मजबूत ढाल

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से रुपया दबाव में आ गया है। पिछले सप्ताह यह अमेरिकी डॉलर की तुलना में 84 के पार चला गया। तनाव बढ़ता ही रहा तो दो कारणों से रुपये की चाल पर अनिश्चितता और बढ़ सकती है। पहला, पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव विदेशी निवेशकों में जोखिम भरे दांव […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: नई राजकोषीय नीति से जुड़े सवाल

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पिछले माह पेश किए गए तीसरी नरेंद्र मोदी सरकार के पहले केंद्रीय बजट में, चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में 20 आधार अंकों का सुधार करते हुए इसे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 प्रतिशत पर ला दिया गया है, जो फरवरी में पेश अंतरिम […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बजट

Budget 2024 Explained: राजनीति और अर्थव्यवस्था को साधने वाला ‘विशेष’ बजट, कृषि क्षेत्र पर नए सिरे से दिया गया ध्यान

All about Union Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लगातार सातवीं बार केंद्र सरकार का बजट पेश किया। हालांकि पांच साल पहले जब उन्होंने अपना पहला बजट पेश किया था, तबसे राजनीतिक और आर्थिक हालात काफी बदल चुके हैं। पिछले 10 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि केंद्र में सत्तारूढ़ […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: केंद्रीय बैंक क्यों खरीद रहे इतना सोना?

सोने की मांग बढ़ने से पिछले दो वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका भाव 30 प्रतिशत से भी अधिक चढ़ चुका है। भारतीय बाजारों में तो सोने के दाम में पंख लग गए हैं। दाम में मौजूदा तेजी सोने के साथ एक महत्त्वपूर्ण सैद्धांतिक तथ्य से मेल नहीं खाती है। सोना नियमित आय का स्रोत […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: सरकार की क्षमता में सुधार की दरकार

चुनावी राजनीति में राजनीतिक दल प्रायः चुनाव से पहले राजनीतिक घोषणापत्रों के माध्यम से अपने दृष्टिकोण एवं योजनाएं जनता के समक्ष रखते हैं। परंतु, भारत विकास के जिस चरण में खड़ा है वहां ऐसे घोषणापत्र कदाचित ही सभी वर्गों की अपेक्षाएं पूरी कर पाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: चुनावी वित्त-व्यवस्था के लिए बेहतर समाधान

चुनाव आयोग ने 18वीं लोकसभा के लिए आम चुनावों की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही भारत दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कमर कस रहा है। आगामी चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने के बीच हाल में हुए दो महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम ने नागरिकों को देश […]

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