facebookmetapixel
Advertisement
त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों पर लगाम की तैयारी, अब सिर्फ 15 दिन का स्टॉक रख सकेंगे बड़े डीलरमजबूत डिमांड से पावर सेक्टर में जोश! लंबी अवधि के लिए ब्रोकरेज को ये शेयर पसंद429 रुपये वाला शेयर छू सकता है 709 रुपये का स्तर! 2 ब्रोकरेज ने दी खरीदने की सलाहSEBI का बड़ा प्लान! विदेशी निवेशकों को वापस लाने की तैयारी, ट्रेडिंग नियमों में बड़े बदलाव संभवHDFC बैंक में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीद सकेगी LIC, आरबीआई से मिली मंजूरी; बैंक शेयर 1% उछलाStarlink Gen 2 की भारत में फिर एंट्री! 30 हजार सैटेलाइट के लिए मांगी मंजूरी, सीधे मोबाइल से जुड़ेगा नेटवर्कटेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स आईपीओ: आज से खुला ₹650 करोड़ का इश्यू; GMP ₹220, लिस्टिंग पर 73% मुनाफे का संकेतडॉलर में कमजोरी से चमका सोना-चांदी: ग्लोबल मार्केट में सोने ने भरी उड़ान, चांदी भी 67 डॉलर के पारStock Market Update: शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी! सेंसेक्स 500 अंक उछला; IT शेयरों में तेजी से निफ्टी की 7 दिन की गिरावट थमीStocks To Watch Today: Amazon India से HDFC Life तक, आज इन 10 शेयरों में दिख सकता है बड़ा एक्शन

लेखक : राजेश कुमार

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के 35 साल पूरे, क्या बदला और आगे की क्या बदलने की जरूरत है

पैंतीस वर्ष पहले तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने अपना पहला केंद्रीय बजट पेश किया था। वह स्वतंत्र भारत का शायद सर्वाधिक परिणामोन्मुखी बजट था। उसके बाद हुए आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को आंतरिक और बाहरी प्रतिस्पर्धा के लिए खोल दिया। तब से अब तक सभी सरकारों ने मोटे तौर पर आर्थिक वृद्धि के […]

आज का अखबार, लेख

फेडरल रिजर्व की कमान संभालते ही केविन वॉर्श के सामने खड़ी कई बड़ी चुनौतियां; क्या बचा पाएंगे स्वायत्तता?

केविन वॉर्श ने दुनिया के सबसे प्रभावशाली केंद्रीय बैंक यानी अमेरिका के फेडरल रिजर्व की कमान पिछले सप्ताह संभाल ली है। इस वर्ष के शुरू में इसी स्तंभ में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई थी। अब फेडरल रिजर्व के नेतृत्व में बदलाव के बाद उसकी स्वायत्तता से जुड़ा मसला […]

आज का अखबार, लेख

अगर आरबीआई का प्रबंधन नहीं होता, तो रुपया कहीं अधिक अस्थिर होता

कोविड-19 महामारी के दिनों से उथल-पुथल की शिकार हुई दुनिया एक के बाद एक नई चुनौतियों से जूझ रही है। कोविड महामारी की चोट से दुनिया ने जैसे-तैसे उबरना शुरू ही किया था कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से आपूर्ति तंत्र फिर अस्त-व्यस्त हो गया और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया। यूक्रेन […]

आज का अखबार, बजट, भारत

Budget 2026: मजबूत आर्थिक बुनियाद पर विकास का रोडमैप, सुधारों के बावजूद बाजार को झटका

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 ऐसे समय में पेश किया जब देश में वृहद आ​र्थिक माहौल बेहतरीन है। ​पहले अग्रिम अनुमानों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में स्थिर कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.4 फीसदी की वृद्धि हो सकती है जबकि 2024-25 में बढ़त 6.5 फीसदी थी। जीडीपी में […]

आज का अखबार, लेख

2026 में भारत की नजरें पांच अहम आर्थिक और वैश्विक घटनाओं पर टिकीं रहेंगी

व्यापार संबंध: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) इस सप्ताह मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दे सकते हैं। कुछ संवेदनशील क्षेत्र एफटीए से बाहर रखे जा सकते हैं फिर भी दोनों पक्षों के लिए यह (एफटीए) एक बड़ी सफलता होगी। हालांकि, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। रूस […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

महिलाओं पर केंद्रित नकदी योजनाओं में बढ़ोतरी से बढ़ रही वित्तीय और राजनीतिक चुनौतियां

पिछले महीने संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत की एक बड़ी वजह महिला ग्रामीण रोजगार योजना को बताया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000  रुपये दिए गए और 2,00,000 रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री […]

आज का अखबार, लेख

ऋण घटाने की दिशा में अस्पष्ट नीति आर्थिक प्रगति पर पड़ सकती है भारी

वस्तु एवं सेवा कर दरों में कमी और उन्हें युक्तिसंगत बनाने का आर्थिक वृद्धि और कर संग्रह पर जो प्रभाव पड़ेगा उसका वित्त मंत्रालय को सावधानीपूर्वक अध्ययन करना होगा। खासतौर पर इसलिए क्योंकि वित्त मंत्रालय ने आगामी आम बजट की तैयारियां भी शुरू कर दी होंगी। हालांकि, वित्तीय बाजार और अन्य अंशधारक केवल इसी पहलू […]

आज का अखबार, लेख

महंगाई पर लगाम: आरबीआई ने जारी किया चर्चा पत्र, FIT ढांचे को जारी रखना समझदारी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति ढांचे की समीक्षा पर एक परिचर्चा पत्र जारी कर अच्छा कदम उठाया है। इस परिचर्चा पत्र में चार प्रमुख बिंदुओं पर सुझाव मांगे गए हैं। लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य (एफआईटी) ढांचे को कानूनी शक्ल देने के लिए वर्ष 2016 में आरबीआई अधिनियम में संशोधन किया गया था। ‘आर्थिक वृद्धि […]

आज का अखबार, लेख

वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और पूंजी लागत में वृद्धि से FDI पर दिख रहा दबाव

हाल में जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में खुदरा मुद्रास्फीति दर कम होकर मई में 2.8 फीसदी रह गई। यह पिछले 75 महीनों का सबसे निचला स्तर है। खुदरा मुद्रास्फीति में हुई भारी कमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 6 जून को रीपो दर में 50 आधार […]

आज का अखबार, लेख

अर्थतंत्र: अमेरिका के बढ़ते ऋण का परिणाम

बाजार पूंजीकरण के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े बैंक जेपी मॉर्गन चेज के मुख्य कार्याधिकारी जेमी डिमन ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अमेरिकी बॉन्ड बाजार में दरार आकर रहेगी। निस्संदेह यह पूर्वानुमान गंभीर है और अगर यह सही साबित हुआ तो वित्तीय बाजारों तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर असर होगा। अमेरिका […]

1 2 3
Advertisement
Advertisement