facebookmetapixel
वेनेजुएला के बाद ट्रंप इन देशों में कर सकते हैं मिलिट्री एक्शन?IRCTC New Rule: रेलवे ने बदले टिकट बुकिंग नियम, आधार लिंक नहीं तो इस समय नहीं कर सकेंगे बुकिंगQ3 अपडेट के बाद FMCG स्टॉक पर ब्रोकरेज पॉजिटिव, बोले – खरीद लें; ₹900 तक जाएगा भावPO Scheme: हर महीने गारंटीड कमाई, रिटायरमेंट बाद भी भर सकते हैं कार की EMIगोल्ड लोन और व्हीकल फाइनेंस में तेजी के बीच मोतीलाल ओसवाल के टॉप पिक बने ये 3 शेयरन्यूयॉर्क की कुख्यात ब्रुकलिन जेल में रखे गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरोट्रंप ने भारत को फिर चेताया, कहा – अगर रूस का तेल नहीं रोका तो बढ़ाएंगे टैरिफ₹200 से सस्ते होटल स्टॉक पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, शुरू की कवरेज; 41% अपसाइड का टारगेटGold-Silver Price Today: सोने का भाव 1,37,000 रुपये के करीब, चांदी भी महंगी; चेक करें आज के रेटAadhaar PVC Card: नए साल की शुरुआत में बनवाएं नया PVC आधार कार्ड, सिर्फ ₹75 में; जानें कैसे

सरकार ने मसाला कंपनियों को दी सुधार की हिदायत

दो सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच करने के लिए भारतीय मसाला बोर्ड ने दोनों कंपनियों के सभी मसालों के नमूनों का परीक्षण शुरू कर दिया है।

Last Updated- May 21, 2024 | 12:04 AM IST
स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया का आदेश, कहा- MDH और Everest शेयर करे क्वालिटी चेक डिटेल्स, Spice Board of India tells Everest, MDH to give details of quality checks

एमडीएच (MDH) और एवरेस्ट (Everest) के मसालों पर विदेश में विवाद उठने के कुछ हफ्तों बाद सरकार ने दोनों कंपनियों को पत्र लिखकर सुधार के उपाय करने की हिदायत दी है। सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में इन कंपनियों के मसालों में कीटनाशक ‘एथिलीन ऑक्साइड’ की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक बताई गई थी और उन्हें वापस भेज दिया गया था।

दो सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच करने के लिए भारतीय मसाला बोर्ड ने दोनों कंपनियों के सभी मसालों के नमूनों का परीक्षण शुरू कर दिया है।

उन्होंने बताया कि दोनों कंपनियों के कारखानों का मुआयना भी किया जा रहा है ताकि पक्का हो जाए कि मसालों का उत्पादन एवं निर्यात निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है। कंपनियों से यह भी पूछा गया है कि मसाले वापस क्यों मंगाने पड़े।

इस बारे में जानकारी के लिए एमडीएच और एवरेस्ट स्पाइसेज को ई-मेल भेजे गए। लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया।

मुआयने में देखा जा रहा है कि कंपनी ने एथिलीन ऑक्साइड के अवशेष की अधिकतम सीमा का पालन किया या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि निर्यात वाले मसालों का भंडारण, ढुलाई और परीक्षण किस तरह किया जा रहा है।

एक अ​धिकारी ने कहा, ‘हमने दोनों कंपनियों के नमूने जांच लिए हैं। हम कंपनियों के साथ ​काम कर रहे हैं और उन्हें सुधार के कदम उठाने को कहा है। हमने जांच के लिए नमूने लेने के साथ ही कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। साथ ही हम उनके साथ मिलकर सभी नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं।’

एथिलीन ऑक्साइड का उपयोग खाद्य उद्योग में अक्सर बैक्टीरिया, खमीर एवं फफूंद को कम करने के लिए किया जाता है। लेकिन खाद्य पदार्थों में इसकी मात्रा की स्वीकार्य सीमा हर देश में अलग-अलग है। उदाहरण के लिए यूरोपीय संघ में 1 किलोग्राम खाद्य पदार्थ में अधिकतम 0.02 से 0.1 मिलीग्राम एथिलीन ऑक्साइड रह सकता है। मगर अमेरिका और कनाडा में यह सीमा 7 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है।

हॉन्ग कॉन्ग में खाद्य पदार्थों में एथिलीन ऑक्साइड का इस्तेमाल प्रतिबंधित है मगर भारत में इसके लिए कोई खास सीमा तय नहीं की गई है। पता चला है कि ये
मसाले उन देशों के लिए थे, जहां एथिलीन ऑक्साइड का उपयोग स्वीकार्य है। मगर गलती से वह खेप हॉन्ग कॉन्ग भेज दी गई थी। एक अ​धिकारी ने बताया कि खाद्य वस्तुओं में एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल के मामले में कंपनियों के साथ तीन दौर की बातचीत हो चुकी है।

First Published - May 20, 2024 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट