facebookmetapixel
Advertisement
Embassy REIT को Nifty 500 और Nifty Midcap 150 में जगह, 30 सितंबर से होगा शामिलDebt Mutual Fund: ₹1.88 लाख करोड़ जुटाकर जुलाई में की जोरदार वापसी, क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?Tata Sons को मिलेगा नया चेयरमैन, जानें कैसे होता है चयन और किसकी होती है अहम भूमिकाRetail Inflation: जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पर, खाने-पीने की चीजोंं के दाम में तेजी से बढ़ा दबावNFO Alert: जेरोधा म्युचुअल फंड ने लॉन्च की आर्बिट्रेज स्कीम, ₹1000 से SIP शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टूटे टाटा स्टॉक्स, टेक्निकल चार्ट पर किन शेयरों में दिख रही मजबूती?महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण नियमों में बड़ा बदलाव, देरी पर बढ़ेगा मुआवजे का ब्याजMilky Mist IPO Day-2: इश्यू करीब 2 गुना भरा, GMP से 14% लिस्टिंग गेन के संकेतटाटा संस से क्यों विदा हो रहे एन. चंद्रशेखरन? पढ़ें बोर्ड को लिखा उनका पूरा पत्रTCS से टाटा संस की कमान तक: कैसा रहा समूह में एन. चंद्रशेखरन के 4 दशक का सफर

कॉमर्स सेक्रेटरी का बड़ा बयान, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में जटिल मुद्दे हुए हल

Advertisement

अग्रवाल ने कहा कि जहां तक प्रस्तावित समझौते की बात है तो अभी ढांचे मौजूद हैं। एक प्रारंभिक समझौता और दूसरा द्विपक्षीय व्यापार समझौता।

Last Updated- February 03, 2026 | 9:12 AM IST
India US Trade Deal

देश के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में अधिकांश विवादित या अटके हुए मुद्दों का समाधान हो गया है जिससे समझौते की आरंभिक किस्त की दिशा में तेजी से प्रगति होने के संकेत मिल रहे हैं। यद्यपि उन्होंने समझौते के पूरा होने के लिए किसी समय सीमा का उल्लेख नहीं किया है। न ही उन्होंने यह बताया कि दोनों पक्ष कितने बिंदुओं पर सहमत हुए हैं।

अग्रवाल ने एक समाचार चैनल के साथ बजट के बाद बातचीत में कहा, ‘मोटे तौर पर अधिकांश अटके हुए मुद्दे हल हो चुके हैं। इसलिए हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। देखिए आगे क्या होता है? ये कब होगा, कितनी तेजी से होगा? इन सवालों के लिए मैं कोई तारीख नहीं तय करूंगा लेकिन हमें उम्मीद है कि देर सबेर यह ही हो जाएगा।’

अग्रवाल ने कहा कि जहां तक प्रस्तावित समझौते की बात है तो अभी ढांचे मौजूद हैं। एक प्रारंभिक समझौता और दूसरा द्विपक्षीय व्यापार समझौता। एक व्यापक और गहन मुक्त व्यापार समझौते में अधिक समय लगता है इसलिए निकट भविष्य में प्रारंभिक समझौते पर ध्यान है। यह जवाबी शुल्क से संबंधित हो सकता है और इसका स्वरूप बन भी रहा है।

उन्होंने आगे कहा, ‘जवाबी शुल्क से संबंधित बातचीत का एक प्रमुख बिंदु यह है कि हम दोनों पक्षों पर अपने शुल्क को कैसे सुसंगत बना सकते हैं ताकि दोनों देशों के बीच अधिक संतुलित व्यापार की दिशा में काम किया जा सके। यही वह मूल होगा जो हम पहले चरण में हासिल करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा कि प्रारंभिक समझौता उन क्षेत्रों को भी देखेगा जिनका सामना दोनों पक्ष करते हैं।

उदाहरण के लिए गैर-शुल्क उपाय। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता मार्च में आरंभ हुई थी और अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। सबसे ताजा अनौपचारिक बातचीत दिसंबर में नई दिल्ली में हुईं जब अमेरिकी उप व्यापार प्रतिनिधि के नेतृत्व में एक कारोबारी दल भारत आया था। इसके बाद, साल के अंत में अवकाश के कारण वार्ताओं में विराम आ गया और समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर अनिश्चितता बनी रही। वर्तमान में दोनों पक्ष वर्चुअल रूप से जुड़े हुए हैं। अभी तक आमने-सामने किसी नई चर्चा का दौर निर्धारित नहीं किया गया है।

Advertisement
First Published - February 3, 2026 | 9:12 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement