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तीन महत्त्वपूर्ण खनिजों के खनन की रॉयल्टी दरें मंजूर

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मंत्रिमंडल ने रॉयल्टी की चुनिंदा दरों को मंजूरी दी है। इसकी बदौलत मंत्रिमंडल देश में लीथियम, नायोबियम और आरईई खंडों की निर्बाध रूप से नीलामी कर सकेगी।

Last Updated- October 11, 2023 | 10:50 PM IST
rare earth minerals

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों लिथियम, नायोबियम और ‘दुर्लभ मृदा तत्वों’ (आरईई) के लिए रॉयल्टी दर को मंजूरी दे दी है। अतिरिक्त सचिव संजय लोहिया ने 5 अक्टूबर को घोषणा की थी कि सरकार आने वाले सप्ताहों में महत्त्वपूर्ण खनिजों की नीलामी शुरू कर सकती है। इसके कुछ दिनों बाद ही सरकार ने इन महत्त्वपूर्ण खनिजों की रॉयल्टी के बारे में घोषणा कर दी है।

मंत्रिमंडल के नोट के अनुसारर रॉयल्टी की दरें चिह्नित की गई हैं। ये दरें हैं – लीथियम के लिए लंदन मेटल एक्सचेंज में तीन प्रतिशत, नोयोबियम के प्राथमिक व द्वियीतक संसाधनों के लिए औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) तीन प्रतिशत और रेयर अर्थ ऑक्साइड पर आधारित आरईई के लिए एएसपी 1 प्रतिशत है।

वैसे खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत कम उपलब्धता वाले खनिजों की मानक प्रक्रिया में एएसपी के तहत 12 प्रतिशत रॉयल्टी है। लेकिन इसमें सरकार ने बदलाव करने का विकल्प चुना है।

इस फैसले एक तरह से यह स्वीकार किया गया है कि महत्त्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की देश में दरें तुलनात्मक रूप बहुत ज्यादा थीं जबकि इन खनिजों के अन्य उत्पादक देशों में दरें कम थीं। खनन मंत्रालय ने इन खनिजों के एएसपी की गणना का फार्मूला विकसित किया है। इसकी नीलामी के मानदंड में एकरूपता लाई गई है।

मंत्रिमंडल के वक्तव्य के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रॉयल्टी की चुनिंदा दरों को मंजूरी दी है। इसकी बदौलत मंत्रिमंडल देश में लीथियम, नायोबियम और आरईई खंडों की निर्बाध रूप से नीलामी कर सकेगी।

मंत्रिमंडल के नोट के अनुसार केंद्र सरकार इन तीन के अलावा अन्य रणनीतिक व महत्त्वपूर्ण खनिजों जैसे निकेल, प्लेटिनम समूह के तत्त्वों, पोटाश, कोनाइट, फॉस्फोराइट, ग्रेफाइट, मोलिब्डेनम सहित की निकट भविष्य में नीलामी करने की योजना बना रही है।

केंद्र सरकार का महत्त्वपूर्ण खनिजों को नीलामी करने की पहल भारत के 2070 तक के शुद्ध शून्य उत्सर्जन के मानकों के लक्ष्य के अनुरूप है। लीथियम का उपयोग बैटरियों में होता है। नोयोबियम का उपयोग सुपरएलॉय और सुपरकंडक्टर में होता है। आरईई का उपयोग इलेक्ट्रानिक्स और स्वच्छ ऊर्जा की तकनीकों के महत्त्वपूर्ण अवयवों में होता है। लिथियम, नियोबियम और आरईई अपनी उपयोगिता व बदलती भूराजनीतिक स्थितियों के कारण महत्त्वपूर्ण खनिजों में आ गए हैं।

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First Published - October 11, 2023 | 10:50 PM IST

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