facebookmetapixel
Advertisement
टाटा संस में बड़ा बदलाव: एन. चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, फरवरी तक रहेंगे चेयरमैनबाजार खुलते ही 10% टूटा गोदरेज ग्रुप का ये स्टॉक, ब्रोकरेज हैं बुलिश, 59% तक रिटर्न संभवचंद्रशेखरन के हटने की खबरों का टाटा समूह के शेयरों पर दिखेगा असर! क्या कहते हैं जानकारटाटा संस में बड़ा बदलाव संभव! AGM से पहले चेयरमैन पद छोड़ सकते हैं एन चंद्रशेखरनGold silver price today: निवेश मांग व केंद्रीय बैंकों की खरीद से सोना ₹1,182 तेज, चांदी ₹2,314 चढ़ीOpening Bell: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स करीब 250 अंक फिसला, निफ्टी 24400 के नीचेStocks to Watch: टाटा मोटर्स, IRCTC, BEML समेत इन स्टॉक्स पर रखें नजर; खबरों के दम पर दिखेगा एक्शनऑटो सेक्टर को PLI स्कीम के तहत FY27 में ₹4,700 करोड़ देगी सरकार, निवेश बढ़ाने की तैयारी तेजटाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव

पट्टादाता संग ऋण पुनर्गठन पर स्पाइसजेट को राहत!

Advertisement
Last Updated- May 25, 2023 | 12:03 AM IST
Spicejet Q2FY26 results

संकटग्रस्त विमानन कंपनी स्पाइसजेट को विमान पट्टादाता कार्लाइल एयरो ग्रुप को तरजीह आवंटन के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से आंशिक राहत मिल सकती है। 23 मई को जारी एक अनौपचारिक निर्देश पत्र में बाजार नियामक ने कहा है कि इश्यू ऑफ कैपिटल ऐंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (आईसीडीआर) के तहत स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता नियुक्त करने संबंधी नियम कार्लाइल के आवंटन पर लागू नहीं होंगे।

हालांकि विमान पट्टादाता को आईसीडीआर मानदंडों के विनियम 167(2) के अंतर्गत प्रस्तावित इक्विटी शेयर जारी किए जाने पर छह महीने की लॉक-इन अवधि का पालन करना होगा। स्पाइसजेट पर कार्लाइल को किराया भुगतान करने की बकाया देनदारी है और तरजीही इक्विटी शेयर जारी करना किराया संबंधी दायित्वों को पूरा करने का साधन है।

सेबी ने कहा कि यह नकदी के बदले तरजीही शेयर जारी करने की राशि होगी, जो कंपनी पर बन रही मौद्रिक देयता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इक्विटी शेयरों का प्रस्तावित निर्गम, जो विमान पट्टेदारों के लिए बकाया मौद्रिक दायित्वों की भरपाई करने का काम करेगा और इन पट्टेदारों को नए इक्विटी शेयरों के रूप में आवंटित किया जाएगा, वह आईसीडीआर विनियम 163(3) के प्रावधानों के तहत शामिल नहीं किया जाएगा।

इस राहत से स्पाइसजेट को स्टॉक एक्सचेंजों को किसी स्वतंत्र पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता द्वारा मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने से छूट मिल जाएगी। आम तौर पर यह होता है कि अगर शेयर बाजार मूल्यांकन के औचित्य से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे किसी अन्य मूल्यांकनकर्ता द्वारा भी मूल्यांकन करवा सकते हैं और कंपनी से और अधिक जानकारी मांग सकते हैं।

अनौपचारिक मार्गदर्शन के लिए 20 मार्च को सेबी को दिए एक पत्र में स्पाइसजेट ने कहा था कि तरजीही आवंटन लगभग 2.95 करोड़ डॉलर की उनकी मौजूदा बकाया पट्टा भुगतान देनदारियों के लिए होगा।

Advertisement
First Published - May 25, 2023 | 12:03 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement