facebookmetapixel
चांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबावमुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का विश्वास: हर दिन असंभव को संभव कर दिखाएंगे भारतीयइंडियन ऑयल की अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोकेमिकल निर्यात बढ़ाने की तैयारी: CMD एएस साहनीUP Budget 2026: 11 फरवरी को आएगा उत्तर प्रदेश का बजट, विकास और जनकल्याण पर रहेगा फोकसEconomic Survey 2026: वै​श्विक खींचतान से निपटने के लिए स्वदेशी पर जोरसुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड यूनियनों को फटकारा, औद्योगिक विकास में रुकावट के लिए जिम्मेदार ठहरायाEconomic Survey में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर जोर: लाइव कॉन्सर्ट और रचनात्मकता से चमकेगी देश की GDPबारामती विमान दुर्घटना: जांच जारी, ब्लैक बॉक्स बरामद; DGCA सतर्कविदेशों में पढ़ रहे 18 लाख भारतीय छात्र, प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत: Economic Survey

Laptop, PC के आयात के लिए हर साल कराना होगा रजिस्ट्रेशन

निगरानी तंत्र का उद्देश्य आयातित उत्पादों के उत्पत्ति के देश सहित अन्य जानकारी पहले हासिल करना है।

Last Updated- September 27, 2023 | 10:48 PM IST
Tamil Nadu laptop scheme

सरकार की नई आयात निगरानी व्यवस्था के तहत लैपटॉप, टेबलेट और अन्य आईटी हार्डवेयर के आयातकों को हर साल नए सिरे से आयात पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। उद्योग के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। निगरानी तंत्र का उद्देश्य आयातित उत्पादों के उत्पत्ति के देश सहित अन्य जानकारी पहले हासिल करना है।

आयातक विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के आयात पंजीकरण पोर्टल के जरिये पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस मुद्दे पर विदेश व्यापार महानिदेशालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा उद्योग के साथ हुई हालिया बैठक में चर्चा की गई थी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आयात की मंजूरी 24 से 72 घंटे के अंदर मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि आवेदन खारिज करने की एकमात्र वजह पंजीकरण प्रक्रिया के तहत आईटी उद्योग संगठन नैस्कॉम के इनपुट के मुताबिक उपलब्ध कराई गई अपर्याप्त सूचना होगी।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लैपटॉप और आईटी हार्डवेयर के आयात पर प्रतिबंध का प्रस्ताव आया है और सरकार ने कहाता कि इसे 1 नवंबर से लागू किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि इस तरह के सामान को लाइसेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

इस घोषणा के बाद उद्योग में अफरातफरी की स्थिति बन गई थी और भारत के प्रमुख साझेदारों जैसे ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने भी इसे लेकर चिंता जताई है।
ऐसा माना जा रहा है कि सरकार ने अपना रुख नरम किया है और किसी तरह के आयात प्रतिबंध से दूरी बनाई गई है।

सरकार द्वारा लाइसेंस शब्द का इस्तेमाल किए जाने की संभावना कम है ऐसे में सिर्फ यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके पास घरेलू बाजार में आ रहे आईटी हार्डवेयर के बारे में पहले से सूचना हो।

उद्योग के एक अधिकारी ने नाम न देने की शर्त पर कहा, ‘ उद्योग को सरकार की ओर से छूट का बड़ा संकेत मिला है। अधिकारियों ने साफ किया है कि आयात पर कोई रोक नहीं होगी। साथ ही भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्रों और सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्कों में आयातित वस्तुओं के लिए अलग से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।’

बिजनेस स्टैंडर्ड ने इसके पहले खबर दी थी कि सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि अगर आपूर्ति श्रृंखला में अचानक कोई व्यवधान आता है या इन उत्पादों की अनुमान से अधिक जरूरत पड़ जाती है तो आयात प्रबंधन व्यवस्था में मानकों की समीक्षा की पर्याप्त जगह होगी।

First Published - September 27, 2023 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट