facebookmetapixel
Advertisement
क्या पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगेगी आग? रिपोर्ट में दावा: बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकताEPS पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की तैयारी में EPFO? जानें, इस पर एक्सपर्ट्स क्या सोचते हैंExplainer: चाबहार पर संकट के बादल! क्या अमेरिकी दवाब के चलते भारत का ‘सपना’ टूटने की कगार पर?Crude Oil Blast: 125 डॉलर पार! रुपये और शेयर बाजार में हाहाकारतेजी से दौड़ा झुनझुनवाला स्टॉक, 7 महीने में दिया 49% रिटर्न; ब्रोकरेज बोले – अभी भी खरीदारी का मौकाStock Market: अप्रैल में बाजार की दमदार वापसी, ₹51 लाख करोड़ बढ़ा निवेशकों का पैसा; मेटल और एनर्जी सेक्टर टॉप गेनरअदाणी का बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन प्लान: फैसले होंगे 3 घंटे में, स्किलिंग और साझेदारी पर जोरQ4 में PSU डिफेंस कंपनी का मुनाफा हुआ दोगुना, 92% डिविडेंड का ऐलान; एक महीने में शेयर 32% उछलाGST कलेक्शन का नया रिकॉर्ड: अप्रैल में ₹2.43 लाख करोड़ के पारFPIs की बड़ी बिकवाली: अप्रैल में ₹60,847 करोड़ निकाले, 2026 में आउटफ्लो ₹1.92 लाख करोड़ पार

रेलवे की 9 महीने में कमाई पिछले पूरे साल से ज्यादा

Advertisement

केंद्रीय बजट के 2 सप्ताह पहले यह आंकड़े सामने आए हैं, जब रेलवे ने बजट आवंटन बढ़ाए जाने की मांग की है।

Last Updated- January 21, 2023 | 9:10 AM IST
Railways

चालू वित्त वर्ष खत्म होने में अभी 3 महीने शेष हैं। भारतीय रेल की कमाई इस वित्त वर्ष के 9 महीने में ही वित्त वर्ष 2021-22 की कुल कमाई के पार पहुंच गई है। शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए रेल मंत्रालय ने कहा कि रेलवे ने इस वित्त वर्ष में अब तक 1.91 लाख करोड़ रुपये कमाई की है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रेल मंत्रालय की अब तक की कमाई पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 42,370 करोड़ रुपये ज्यादा है।’ केंद्रीय बजट के 2 सप्ताह पहले यह आंकड़े सामने आए हैं, जब रेलवे ने बजट आवंटन बढ़ाए जाने की मांग की है।

किस मद से कितनी कमाई हुई है, इसके सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यह अनुमान है कि माल ढुलाई से 1.3 लाख करोड़ रुपये कमाई हुई है। वहीं यात्री किराये से करीब 55,000 करोड़ रुपये कमाई हुई है। शेष कमाई कोचिंग, पार्सल सेवाओं और अन्य प्राप्तियों से हुई है।

मंत्रालय ने 19 जनवरी तक 11,850 लाख टन कच्चे माल और वस्तुओं की ढुलाई की है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा है। बहरहाल ढुलाई की दूरी बढ़ने और नए बने ज्यादा क्षमता वाले विशेषीकृत वैगनों से सरकार को पिछले साल की समान अवधि की तुलना में राजस्व में 17 प्रतिशत वृद्धि करने में मदद मिली है, भले ही माल ढुलाई में मामूली वृद्धि हुई है।

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि शुद्ध टन किलोमीटर (एनटीकेएम), जिसका इस्तेमाल मालगाड़ी द्वारा तय की गई दूरी की गणना में होता है, पिछले 12 महीनों में 12 प्रतिशत बढ़ा है। इसी के अनुरूप प्रति एमटी राजस्व भी 101 करोड़ रुपये बढ़कर 108 करोड़ रुपये हो गया है।

रेलवे के माल ढुलाई बास्केट में कोयला प्रमुख बना हुआ है। रेलवे ने ढुलाई में विविधीकरण लाने की कवायद की है, इसके बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि कोयले की ढुलाई पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 620 लाख टन ज्यादा है, जबकि कुल माल ढुलाई में 800 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है। लौह अयस्क और स्टील दोनों की ढुलाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है, जबकि अन्य जिंसों की ढुलाई मामूली बढ़ी है।

Advertisement
First Published - January 21, 2023 | 9:10 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement