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Mutual Funds: छोटे शहरों में यूटीआई, एसबीआई एमएफ आगे

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Last Updated- June 05, 2023 | 11:04 PM IST
Mutual Fund

देश भर में अपनी मजबूत भौतिक उपस्थिति की बदौलत यूटीआई म्युचुअल फंड और एसबीआई म्युचुअल फंड (एमएफ) अपने प्रतिस्प​र्धियों की तुलना में छोटे शहरों और गांवों से अपनी कुल प्रबंधनाधीन परिसंप​त्तियों (एयूएम) का ज्यादा अनुपात जुटाने में कामयाब रहे हैं।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि केवल यूटीआई एमएफ और एसबीआई एमएफ ही दो ऐसे प्रमुख फंड हाउस हैं, जिनके एयूएम का 20 प्रतिशत से अ​धिक हिस्सा शीर्ष 30 शहरों से इतर वाले क्षेत्रों (बी-30) से आ रहा है। इस मामले में यूटीआई एमएफ सबसे ऊपर है। इसकी 23.8 प्रतिशत परिसंपत्तियां बी-30 केंद्रों से संबं​धित हैं। इसके बाद 21.2 प्रतिशत के साथ एसबीआई एमएफ का स्थान है। उद्योग का औसत 17 प्रतिशत बैठता है।

संपूर्ण एयूएम के लिहाज से बी-30 का क्रम अलग है। एचडीएफसी एमएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ अपने एयूएम का कम अनुपात बी-30 से प्राप्त करते हैं, लेकिन जब संपूर्ण आंकड़ों की बात आती है, तो वे शीर्ष तीन फंड हाउसों में शामिल हैं।

मार्च 2023 तक एसबीआई एमएफ 1.46 लाख करोड़ रुपये की बी-30 परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रहा था, इसके बाद एचडीएफसी (79,170 करोड़ रुपये) और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल (77,060 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।
एसबीआई एमएफ के मुताबिक वह बी-30 एयूएम का अनुपात बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना चाहता है।

एसबीआई म्युचुअल फंड के उप प्रबंध निदेशक और सीबीओ डीपी सिंह ने कहा कि हमें उम्मीद कि देश भर में 250 से अधिक स्थानों पर हमारी भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ मजबूत वितरक नेटवर्क और ब्रांड विश्वास की बदौलत बी-30 की वृद्धि जारी रहेगी।    अगर केवल खुदरा एयूएम पर विचार किया जाए, तो बी-30 का हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत अधिक है।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान म्युचुअल फंडों ने शीर्ष शहरों में पैठ के मामले में खासी प्रगति की है। कई फंड हाउसों ने हाल ही में शुरुआती कदम उठाने के प्रयासों को तुलनात्मक रूप से कम पहुंच वाले स्थानों की ओर स्थानांतरित कर दिया है।

म्युचुअल फंड वितरकों के अनुसार ये शाखाएं निवेशक संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करने के अलावा म्युचुअल फंड को पहचान दिलाने और नए निवेशकों का विश्वास जीतने में भी मदद करती हैं।

वे एमएफ कर्मचारियों और वितरकों के लिए मुलाकात की जगह के रूप में काम करती हैं। कोविड महामारी के बाद से एसबीआई एमएफ ने वर्ष 2020-2022 की अवधि के दौरान करीब 55 नई शाखाएं खोलकर भौतिक मौजूदगी का विस्तार करने का मार्ग प्रशस्त किया है।

देश के सबसे बड़े फंड हाउस की पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश), चाईबासा (झारखंड) और श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश) जैसे छोटे शहरों में उपस्थिति है। ऐसा तब है, जब यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ जुड़ा हुआ है, जिसकी देश भर में मौजूदगी है, जहां एसबीएफ एमएफ शुरुआत कर सकता है।

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First Published - June 5, 2023 | 10:42 PM IST

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