facebookmetapixel
Advertisement
दुनिया के वो 7 समुद्री रास्ते, जो बंद हुए तो थम जाएगी ग्लोबल इकोनॉमी और मच जाएगा हाहाकार!दिव्यांग यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव! रेलवे ने बदले नियम, अब सफर होगा और आसानEnergy Stock: ₹1 लाख करोड़ की पाइपलाइन बनेगी गेमचेंजर! स्टॉक पर ब्रोकरेज बुलिश, BUY की सलाहUpcoming IPO: निवेश का सुनहरा मौका? SBI Funds Management IPO से जुटाएगा अरबों, जानें पूरी डिटेलकौन हैं अशोक मित्तल? ED रेड के 10 दिन बाद AAP छोड़ BJP में एंट्री, क्या है पूरा खेलकौन हैं Ashok Lahiri? जिनके हाथ में आ सकती है नीति आयोग की कमानक्या आपका पोर्टफोलियो सच में डाइवर्सिफाइड है? एक्सपर्ट बता रहे ओवरलैप का सचUS-Iran Peace Talks: ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान पहुंचे, क्या खत्म होगा युद्ध का खतरा?शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, कच्चे तेल की कीमतों और IT शेयरों ने डुबोए ₹5 लाख करोड़‘IDBI Bank का विनिवेश नहीं होगा रद्द’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से शेयरों में आई तेजी

बोआई कम होना अभी चिंता का विषय नहीं : तोमर

Advertisement

आंकड़ों के मुताबिक 14 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान खरीफ फसलों की बोआई रफ्तार में आई है।

Last Updated- July 18, 2023 | 10:39 PM IST
Import of pulses is increasing, import of pigeon pea has increased more than double

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज कहा कि धान की रोपाई और कुछ दलहन की बोआई (sowing of pulses) कम होने के बारे में सरकार को जानकारी है, लेकिन यह चिंता की बात नहीं है, क्योंकि मॉनसून सक्रिय है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 95वें स्थापना और तकनीक दिवस के अवसर पर तोमर ने कुछ संवाददाताओं से अलग से बात करते हुए कहा, ‘फसलों पर मॉनसून के असर के बारे में कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी। हम स्थिति से वाकिफ हैं। अभी मॉनसू सक्रिय है और देश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है। मुझे लगता है कि फिलहाल अभी कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।’

तोमर का बयान ऐसे समय में आया है, जब उत्तर भारत के कुछ इलाके भारी बारिश से तबाह हैं जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत में मॉनसूनी बारिश सामान्य से बहुत कम है।

अरहर, सोयाबीन और कपास की बोआई सामान्य से बहुत कम

आंकड़ों के मुताबिक 14 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान खरीफ फसलों की बोआई रफ्तार में आई है। उत्तर और मध्य भारत के कुछ इलाकों में मॉनसून सक्रिय होने की वजह से पहले के सप्ताह की तुलना में बोआई की कमी का अंतर कुछ घटा है।

लेकिन अभी भी अरहर, सोयाबीन और कपास की बोआई सामान्य से बहुत कम है, क्योंकि 2 प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश कम हुई है।

Advertisement
First Published - July 18, 2023 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement