facebookmetapixel
Advertisement
नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा के बीच दिल्ली में हुई बैठक, राजनीति में जेनरेशन ज़ेड की भूमिका पर हुई चर्चाडीके शिवकुमार के लिए कर्नाटक में विकास की रफ्तार बनाए रखना बड़ी चुनौती, आर्थिक मोर्चे पर टिकीं सबकी नजरेंवेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पांच दिवसीय भारत यात्रा कल से, ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोरCBSE और NEET विवाद से डगमगाया कंपनियों का भरोसा, नौकरी के लिए अब देना पड़ सकता है अलग से टेस्टFY26 में केंद्र सरकार का खर्च संशोधित अनुमान से ₹59,690 करोड़ कम, राजकोषीय घाटा कम करने में मिलेगी मददRBI द्वारा खराब नोटों के निपटान में गिरावट, नई मशीनों की स्थापना बनी वजहकुल कॉर्पोरेट आय में निफ्टी 50 का योगदान घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, बड़ी कंपनियों पर बढ़ा दबावडिजिटल पर्सनल लोन में NBFCs की हिस्सेदारी बढ़ी, लेकिन ग्रोथ रफ्तार में आई गिरावटनया WPI और PPI सिस्टम लागू करने की तैयारी, DPIIT 15 जून को जारी करेगा संशोधित महंगाई सूचकांकVedanta Group पर ED का शिकंजा, विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में कंपनी के कई परिसरों में छापेमारी

LIC का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा

Advertisement

आखिरी बंद भाव पर बीमा कंपनी का मूल्यांकन 4.97 लाख करोड़ रुपये बैठता है, जो उसे देश की 10वीं सबसे मूल्यवान कंपनी बनाता है।

Last Updated- December 07, 2023 | 10:19 PM IST
LIC

सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC Mcap) का बाजार पूंजीकरण गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान 5 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया।

एलआईसी का शेयर कारोबारी सत्र के दौरान 800 रुपये की ऊंचाई को छू गया, लेकिन अंत में 785 रुपये पर बंद हुआ, जो 3 जून 2022 के बाद का उच्चस्तर है। आखिरी बंद भाव पर बीमा कंपनी का मूल्यांकन 4.97 लाख करोड़ रुपये बैठता है, जो उसे देश की 10वीं सबसे मूल्यवान कंपनी बनाता है। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर करीब 30 फीसदी उछला है।

जीवन बीमा परिषद की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2023 में एलआईसी का प्रीमियम 32.86 फीसदी घटकर 16,134.55 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 24,032 करोड़ रुपये रहा था। वहीं निजी बीमा कंपनियों का प्रीमियम 9.33 फीसदी घटकर 10,360.29 करोड़ रुपये रहा, जो पहले 11,426.73 करोड़ रुपये रहा था।

इस बीच, अप्रैल-नवंबर 2023 की अवधि में एलआईसी ने प्रीमियम में सालाना आधार पर 24.20 फीसदी की गिरावट दर्ज की और यह पहले के 1,64,143.27 करोड़ रुपये से घटकर 1,24,424.31 करोड़ रुपये रह गया।

दूसरी ओर निजी क्षेत्र ने इस अवधि में 11.58 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 87,266.33 करोड़ रुपये रहा। नवंबर 2023 में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 58.78 फीसदी पर पहुंच गई, जो अगस्त 2023 में 57.37 फीसदी के निचले स्तर पर आ गई थी।

Advertisement
First Published - December 7, 2023 | 10:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement