facebookmetapixel
Advertisement
क्रेडिट कार्ड बंद करने की सोच रहे हैं? कही जेब पर भारी न पड़ जाए ‘प्लास्टिक मनी’ से दूरी का यह फैसला!South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोर

Earthquake Warning: अब Google भारतीय भाषाओं में देगी भूकंप की चेतावनी

Advertisement

गूगल की यह तकनीक ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद सूक्ष्म एक्सलरोमीटर का सहारा लेकर बिल्कुल शुरू में ही भूकंप के झटके आने का पता लगा सकती है।

Last Updated- September 27, 2023 | 11:11 PM IST
Earthquake Today

Google Earthquake Warning: गूगल ने भारत में भूकंप चेतावनी प्रणाली (अर्थक्वेक अलर्ट्स सिस्टम) की शुरुआत की है। इस प्रणाली की एक खास बात यह है कि इसमें भूकंप से जुड़ी चेतावनी लोगों तक भारतीय भाषाओं में पहुंचाने का विकल्प दिया गया है। गूगल ने बुधवार को इस प्रणाली की शुरुआत की।

कंपनी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनएससी) के साथ मशविरा करने के बाद इसकी शुरुआत की है। यह अलर्ट सिस्टम भूकंप भांपने एवं इसका अनुमान लगाने के लिए ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद सेंसर का इस्तेमाल करती है और इसके बाद स्वतः ही उपयोगकर्ताओं को पूर्व चेतावनी जारी करती है।

गूगल की यह तकनीक ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद सूक्ष्म एक्सलरोमीटर का सहारा लेकर बिल्कुल शुरू में ही भूकंप के झटके आने का पता लगा सकती है। अगर किसी एक क्षेत्र में मौजूद कई स्मार्टफोन भूकंप से जुड़ी गतिविधि का पता लगाते हैं तो सर्वर इन सूचनाओं के आधार पर भूकंप आने क समय का अनुमान लगाते हैं। इसके अलावा भूकंप के केंद्र एवं इसकी तीव्रता से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाती है और उपयोगर्ताओं को चेतावनी (अलर्ट) दी जाती है।

जब लोग ‘अपने आस-पास भूकंप’ आने से जुड़ी खबरें खोजते हैं तो यह तकनीक स्थानीय भूकंपीय गतिविधियों एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी गूगल सर्च के जरिये देती है। आगामी सप्ताह में भारत में ऐंड्रॉयड 5 के बाद आए संस्करणों (वर्जन) का इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ऐंड्रॉयड अर्थक्वेक अलर्ट्स सिस्टम शुरू की जाएगी। अलर्ट प्राप्त करने के लिए वाई-फाई या मोबाइल डेटा उपलब्ध होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार भी पिछले कुछ सप्ताहों से “आपात अलर्ट सिस्टम’ का परीक्षण कर रही है। सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के हिस्से के रूप में सरकार आपात स्थिति में देश के विभिन्न क्षेत्रों में आपात चेतावनी (इमरजेंसी अलर्ट) भेज पाएगी। सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का प्रबंधन दूरसंचार विभाग करता है।

(आशुतोष मिश्रा)

Advertisement
First Published - September 27, 2023 | 11:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement