facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट व कमजोर मॉनसून बढ़ा सकती हैं चिंताएं, चुनौतियों से निपटने के लिए रहें तैयार: वित्त मंत्रालयक्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला10 साल के सबसे खराब मानसून के खतरे के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ’ अभियानपूरी तरह बदल गया ट्रेंड! क्यों पुराने लॉयल्टी प्रोग्राम्स छोड़ ‘इंस्टेंट डिजिटल रिवॉर्ड्स’ के दीवाने हो रहे युवा?Dividend Stocks: अगले हफ्ते रिलायंस और HDFC AMC समेत 19 कंपनियां बांटने जा रही हैं मुनाफा, चेक करें लिस्टBonus Stocks: निवेशकों की मौज! अगले हफ्ते ये दो कंपनियां बाटेंगी बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटVedanta का महाप्लान: अगले 3 साल में $20 अरब का निवेश, अनिल अग्रवाल बोले- जोखिम उठाना मेरी आदत‘डिजिटल पेमेंट में एजेंटिक AI के लिए बने मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क’, NPCI प्रमुख दिलीप आसबे का बड़ा बयानमई में 49 लाख बैरल पहुंचा देश का क्रूड इंपोर्ट, रूस से तेल और अमेरिका से गैस का आयात रिकॉर्ड स्तर परसुप्रीम कोर्ट से रिलायंस को बड़ी राहत: SEBI का ₹447 करोड़ का वसूली आदेश रद्द, वापस मिलेंगे ₹250 करोड़

2025 में PM Modi ने की 23 देशों की 11 विदेश यात्राएं, कोविड के बाद एक कैलेंडर वर्ष में सर्वा​धिक दौरा

Advertisement

प्रधानमंत्री के अधिक विदेश दौरों का एक और प्रमुख कारण 2015 की तरह देश में चुनावों का कम होना भी रहा। इस साल दिल्ली और बिहार में ही विधान सभा चुनाव हुए।

Last Updated- December 23, 2025 | 8:51 AM IST
PM Modi foreign visits 2025
File Image

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की अपनी चार दिवसीय यात्रा से 18 दिसंबर को लौटे। तीन देशों की इस यात्रा का मुख्य आकर्षण भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर करना रहा। इस महत्त्वपूर्ण विदेश दौरे के साथ प्रधानमंत्री ने इस वर्ष 23 देशों की 11 यात्राएं की हैं। विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइटों पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस साल अभी तक उन्होंने 42 दिन विदेश में बिताए।

साल 2015 के बाद पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी ने एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक देशों का दौरा किया। यह उनकी विदेश यात्रा के मामले में आज तक का सबसे शानदार वर्ष भी रहा है। 2015 में प्रधानमंत्री 13 विदेश यात्राएं की थीं और उन्होंने रूस और फ्रांस सहित 28 देशों का दौरा किया था। उस वर्ष रूस और फ्रांस वह दो बार गए थे तथा 54 दिन उन्होंने विदेश में बिताए थे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी विदेश यात्राएं

वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं मई के बाद विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ गईं। लेकिन इस दौरान उनकी यात्राओं का लक्ष्य प्रमुख रूप से दुर्लभ खनिजों की आपूर्त के ठोर तलाशना था, क्योंकि चीन ने इन खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे भी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका के भारतीय वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाने के बाद भारत को अपने निर्यात में विविधता लाने के लिए अन्य देशों के बाजार तलाश करने की आवश्यकता थी।

प्रधानमंत्री के अधिक विदेश दौरों का एक और प्रमुख कारण 2015 की तरह देश में चुनावों का कम होना भी रहा। इस साल दिल्ली और बिहार में ही विधान सभा चुनाव हुए। जिससे उनका वक्त चुनाव प्रचार में कम बीता। जबकि 2024 में लोक सभा के साथ ही जम्मू-कश्मीर, झारखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र में भी विधान सभा चुनाव हुए थे। इस कारण वह विदेश दौरे कम कर सके। पिछले वर्ष उन्होंने 11 विदेश यात्राओं में 16 देशों का दौरा किया और 31 दिन विदेश में बिताए।

दूसरे कार्यकाल में की कम विदेश यात्राएं

प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में शुरू हुए अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान पहले कार्यकाल की तुलना में कम विदेश यात्राएं कीं। इसका प्रमुख कारण कोविड-19 महामारी भी रही जब प्रोटोकॉल के तहत दो वर्ष तक वैश्विक स्तर पर आवाजाही पर बेहद सीमित कर दी गई थी। उन्होंने कोविड के चरम वाले वर्ष 2020 में कोई विदेश यात्रा नहीं की लेकिन 2021 में वह जरूर तीन विदेश यात्राओं में चार देशों में गए। वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री सात विदेश यात्राओं पर गए, जिसमें 10 देश शामिल थे।

Advertisement
First Published - December 23, 2025 | 8:51 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement