facebookmetapixel
Advertisement
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे मुफ्त में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्चRBI Regulatory Action: विदेश से जुटाई उधारी की रोज देनी होगी जानकारी, RBI ने बैंकों को दिया कड़ा निर्देश

‘AI को लोगों की सेवा के अनुकूल बनाना होगा’

Advertisement

एआई से जुड़ी चिंताओं, इसे विनियमित बनाने की जरूरत और एआई से पैदा होने वाले अवसरों के बारे में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन एवं अध्यक्ष ब्रैड ​स्मिथ सेविस्तार से बातचीत की।

Last Updated- August 28, 2023 | 8:37 AM IST
Microsoft President Brad Smith on AI

माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन एवं अध्यक्ष ब्रैड ​स्मिथ जी-20 समिट के लिए भारत में हैं। उन्होंने ​शिवानी ​शिंदे के साथ एक वीडियो साक्षात्कार में Artificial Intelligence (AI) से जुड़ी चिंताओं, इसे विनियमित बनाने की जरूरत और एआई से पैदा होने वाले अवसरों के बारे में विस्तार से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा सुरक्षा कानून पर आपका क्या नजरिया है?

यह एक सकारात्मक घटनाक्रम है। मैं वाकई यह मानता हूं कि भारत सरकार ने इस दिशा में सही कदम उठाया है। ऐसे कुछ फीचर्स हैं जो बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण हैं। पहला, यह मान्यता है कि डेटा प्रोसेसर और डेटा फिड्यूशरीज हैं। मेरा स्पष्ट तौर पर यह मानना है कि कई देशों के मुकाबले डेटा फिड्यूशरी के बारे में सोचना बेहतर है। वे इसे डेटा कंट्रोलर के तौर पर परिभा​षित करते हैं। भारत ने डेटा के संदर्भ में कानूनी सुरक्षा मुहैया कराने की दिशा में अच्छा काम किया है।

ये भी पढ़ें- राजस्व बढ़ाने के लिए Wipro का BFSI पर जोर, कैपको, क्लाउड और AI पर दांव

क्या एआई ने आपकी चिंता बढ़ाई है, या इसे आप अवसर के तौर पर देखते हैं?

मेरा मानना है कि एआई के साथ दुनिया के लिए अच्छा करने का अवसर शायद हमारी जिंदगी की किसी भी तकनीक से अ​धिक है और यह बेहद आकर्षक है। लेकिन साथ ही मैं यह कहना चाहूंगा कि इसे बुद्धिमानी के साथ विकसित करने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। हम पहली पीढ़ी के लोग हैं जो ऐसी मशीनें तैयार कर रहे हैं जिनसे ऐसे निर्णय लिए जा सकेंगे जो हमेशा से लोगों द्वारा लिए जाते रहे हैं। हमें इसके लिए सही दिशा में आगे बढ़ना होगा। यदि हम इसमें विफल रहे तो हमारे बाद आने वाली हरेक पीढ़ी हमारी गलतियों की कीमत चुकानी पड़ेगी।

एआई से जुड़ी कुछ चुनौतियां क्या हैं?

दो चिंताएं हैं जिनके बारे में मैंने सुना है। इनमें से एक यह है कि एआई ठीक से मानव नियंत्रण में नहीं रहेगी, वह अपनी स्वयं की तकनीक का इस्तेमाल करेगी, अपने निर्णय स्वयं लेगी और अपने कदम इस तरह से उठाएगी जो इंसान के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वहीं मेरे नजरिये से अच्छी खबर यह है कि एक कंपनी के तौर पर हम ऐसे सिद्धांत के प्रति समर्पित हैं कि एआई ऐसा माध्यम होना चाहिए जो लोगों की सेवा करे, यह मानव नियंत्रण में बना रहे।

जिस दूसरी चिंता के बारे में मैंने सुना, वह यह है कि टेक कंपनियां बेहद तेज गति से आगे बढ़ रही थीं जिससे उत्पाद लोगों के लिए जल्द उपलब्ध हो रहे थे। जैसे जैसे साल बीतता गया, लोगों को अहसास हुआ कि हम गति मापने की को​शिश कर रहे हैं, हम उन लोगों का अंदाजा लगाया जो उत्पाद इस्तेमाल कर सकते हों। हमें यह समझने के लिए कुछ वास्तविक दुनिया के अनुभव की जरूरत है कि लोग उत्पाद का इस्तेमाल कैसे करना चाहेंगे।

ये भी पढ़ें- भारत सबसे तेजी से बढ़ती AI प्रतिभा वाले शीर्ष 5 देशों में शामिल: LinkedIn रिपोर्ट

भारत जल्द ही AI विनियमन के बारे में अपनी प्रक्रिया शुरू करेगा। आप इस संबंध में भारत को क्या सुझाव देना चाहेंगे?

पहली बात तो यह है कि हमें मौजूदा कानूनों पर ध्यान देना होगा। यह मत समझिए कि इस संबंध में कोई कानून लागू नहीं होता है। खासकर प्रयोग के स्तर पर और जब लोग AI के संवेदी इस्तेमाल को लेकर बात करते हैं तो उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून मौजूद हैं।

नि​श्चित तौर पर, सिर्फ निर्णय लेने के लिए कम्प्यूटर का इस्तेमाल करके ऐसे कार्य करने की अनुमति नहीं होगी जो गैर-कानूनी हों। इसका मतलब है कि नए कानूनों के संपूर्ण विकास की कम जरूरत होगी। वहीं, दूसरी बात यह है कि इन बेहद श​क्तिशाली मॉडलों के संदर्भ में नए तरह के एआई कानूनों और प्रावधानों की जरूरत भी होगी। मेरा मानना है कि भारत नवाचार को वास्तविक रूप से प्राथमिकता देगा।

ये भी पढ़ें- SpaceX के रॉकेट से चार देशों के चार अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन रवाना

 

Advertisement
First Published - August 28, 2023 | 8:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement