facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

TRAI: सेवा गुणवत्ता मानदंड का मामला, राज्य, जिला स्तर पर आंकड़े चाह रहा ट्राई

Advertisement

फिलहाल दूरसंचार सेवा प्रदाता लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एलएसए) के अनुसार सेवा की गुणवत्ता के आंकड़े जमा करते हैं, जिन्हें आम तौर पर टेलीकॉम सर्कल कहा जाता है।

Last Updated- April 01, 2024 | 10:31 PM IST
TRAI

भारतीय भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को जिला और राज्य स्तर पर विस्तृत सेवा गुणवत्ता (क्यूओएस) के आंकड़े मुहैया कराने के लिए नया निर्देश भेजा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

फिलहाल दूरसंचार सेवा प्रदाता लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एलएसए) के अनुसार सेवा की गुणवत्ता के आंकड़े जमा करते हैं, जिन्हें आम तौर पर टेलीकॉम सर्कल कहा जाता है। भारत में 22 दूरसंचार सर्किल हैं, जो अलग-अलग राज्यों की सीमाओं के अनुसार नहीं हैं। मिसाल के तौर पर उत्तर प्रदेश में दो सर्कल (पूर्व और पश्चिम) हैं जबकि महाराष्ट्र और गोवा एक ही सर्कल है।

अधिकारियों ने बताया कि हालांकि बड़ी संख्या में उपभोक्ता खराब गुणवत्ता की शिकायत करते हैं लेकिन पूरे टेलीकॉम सर्कल का प्रदर्शन औसत है। ट्राई के एक अधिकारी ने कहा ‘आम तौर पर यह सेवा की गुणवत्ता के बारे में ग्राहक के अनुभव से अलग तस्वीर पेश करता है क्योंकि सेवा क्षेत्र के भीतर भी कई क्षेत्रों या इलाकों में सेवा काफी खराब है।’

इस कदम को दूरसंचार कंपनियों के विरोध का सामना करना पड़ा है। उनका कहना है कि आंकड़े संकलित करना संभव नहीं है। एक निजी दूरसंचार परिचालक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आंकड़ों की निगरानी प्रणाली ऐसी प्रणाली के रूप में विकसित हुई है जो दूरसंचार सर्कलों के अनुसार आंकड़ों को मापती है। इसे सरकार के समक्ष पेश किया जाता है। जिला स्तर पर इतनी आसानी से आंकड़े जुटाना संभव नहीं है। इसके लिए पूरी प्रणाली को बदलना होगा।

Advertisement
First Published - April 1, 2024 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement