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एलएलएम निर्माण से पीछे न हटे भारत: सर्वम एआई के विवेक राघवन

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सर्वम एआई के सह-संस्थापक बोले- एप्लीकेशन जरूरी हैं, लेकिन अगर मॉडल बनाने की क्षमता छोड़ी तो भारत दूसरों पर निर्भर हो जाएगा

Last Updated- February 20, 2026 | 9:02 AM IST
Vivek Raghavan, Cofounder, Sarvam
सर्वम एआई के सह-संस्थापक विवेक राघवन

सर्वम एआई की ओर से हाल में जारी लैंग्वेज मॉडलों को गूगल के सुंदर पिचाई से प्रशंसा मिली है। अभीक दास के साथ बातचीत में सर्वम के सह-संस्थापक विवेक राघवन ने इन मॉडलों की प्रभावशीलता, उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में आने वाली प्रमुख चुनौतियों और सक्षम एआई स्टैक बनाने की दिशा में भारत की तलाश के बारे में बातचीत की। बातचीत के मुख्य अंश:

आपके लैंग्वेज मॉडलों पर भारत के एआई तंत्र और सरकार ने किस तरह की प्रतिक्रिया दी है?

मुझे लगता है कि हर कोई उत्साहित है कि भारत किसी के बिना और डेटा निर्भरता के बगैर ऐसा एलएलएम बनाने में सफल रहा है, जो भारतीय भाषाओं के लिहाज से मजबूत है और अपने आकार के दूसरे मॉडलों के बराबर भी है। मैं यह नहीं कह रहा कि यह सबसे बड़े जेमिनी या सबसे बड़े एंथ्रोपिक मॉडल के जैसा है। हमने जो किया, वह यह था कि हमने इसे एक बहुत ही एफिशिएंट मॉडल बनाने की कोशिश की।

क्या आप भविष्य में बड़े मॉडल बनाना चाहेंगे?

हम यह जरूर करना चाहते हैं, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी यह है कि इन मॉडलों का इस्तेमाल किया जाए औऱ हमें देखना है कि कैसे यह उपयोग हो। मुझे लगता है कि विशेष रूप से भारतीय भाषाओं में, साथ ही बड़े लैंग्वेज मॉडलों से किसी को भी जिन 95 फीसदी कार्यों की आवश्यकता होती है, उनके लिए ये ऐसा कुछ करने के लिए पूरी तरह से उपयुक्त हैं। छोटा मॉडल (30 अरब पैरामीटर) बहुत कम लागत पर भारतीय बातचीत को संभालने के लिए अच्छा है।

क्या देश का फोकस बड़े मॉडलों पर होना चाहिए या एप्लीकेशनों पर?

मुझे नहीं लगता कि ये ‘यह या वह’ वाली स्थिति है। आपको एप्लीकेशनों पर काम करना होगा, क्योंकि वहीं आप मॉडलों की वैल्यू दिखाते हैं। इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन अगर आप मॉडल बनाने की अपनी काबिलियत छोड़ देते हैं, तो आप ऐसी हालत में आ सकते हैं कि दूसरे लोगों पर निर्भर हो जाएं और वे आपको बताएंगे कि क्या करना है।

हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि इन मॉडलों का इस्तेमाल हो? क्या आपकी सरकार से कोई बातचीत हुई है?

मुझे यकीन है कि इस बारे में बहुत बातचीत हुई है, लेकिन इस समय मैं कुछ नहीं बता सकता।

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First Published - February 20, 2026 | 9:02 AM IST

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