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Hyundai Motor को एसयूवी सेगमेंट में दिख रही उम्मीद

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क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एसयूवी श्रेणी वित्त वर्ष 2024 से 2029 तक सात प्रतिशत से नौ प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ बढ़ने की उम्मीद है।

Last Updated- June 16, 2024 | 9:54 PM IST
Hyundai Exter

आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में जुटी ह्युंडै मोटर इंडिया लिमिटेड (Hyundai Motor India) भारत में स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (SUV) के प्रति नए जुनून पर बड़ा दांव लगा रही है। इसके मसौदा दस्तावेज (DRHP) के अनुसार भारत के कार बाजार में एसयूवी की हिस्सेदारी अभी के 50 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 29 तक 60 प्रतिशत होने वाली है।

कंपनी ने कहा है कि भविष्य की उसकी सफलता काफी हद तक भारतीय बाजार में उसकी एसयूवी की सफलता पर निर्भर करेगी। वित्त वर्ष 19 में भारतीय बाजार में एसयूवी की हिस्सेदारी बमुश्किल 23 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 19 और वित्त वर्ष 24 के बीच हैचबैक की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत रह गई, जबकि इसी अवधि के दौरान सिडैन की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत से घटकर नौ प्रतिशत रह गई।

कंपनी ने अपने डीआरएचपी में कहा ‘अपनी प्रीमियमाइजेशन रणनीति के साथ हम उम्मीद करते हैं कि एसयूवी हमारे यात्री वाहन पोर्टफोलियो और बिक्री का एक बड़ा हिस्सा रहेंगे। नतीजतन भविष्य की हमारी सफलता काफी हद तक हमारे एसयूवी की निरंतर मांग और बाजार की स्वीकृति तथा हमारे ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने वाली एसयूवी को बढ़ाने, विकसित करने और निर्माण करने की हमारी क्षमता पर निर्भर करेगी।’

घरेलू यात्री वाहन बाजार में ह्युंडै की प्रति​ष्ठित मौजूदगी कॉम्पैक्ट कार श्रेणी में ग्रैंड आई10 निओस, ऑरा और आई20 तथा एसयूवी श्रेणी में क्रेटा, वेन्यू, अल्काजर और तुसों की दमदार स्थिति पर आधारित है। पिछले पांच वर्षों के दौरान भारतीय बाजार में 30 एसयूवी पेश की गई हैं, जबकि चार हैचबैक और तीन सिडैन पेश की गई हैं।

क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एसयूवी श्रेणी वित्त वर्ष 2024 से 2029 तक सात प्रतिशत से नौ प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ बढ़ने की उम्मीद है।

डीआरएचपी में कहा गया है कि हालांकि कराधान, उपभोक्ता वरीयताओं, तकनीक संबंधी बदलाव से संबंधित सरकारी नियमों में परिवर्तन या अन्य ऐसे कारकों से इस पर असर पड़ सकता है, जो एसयूवी की मांग को कम कर सकते हैं या एसयूवी के विनिर्माण में किसी भी तरह की बाधा पैदा कर सकते हैं।

कंपनी ने कहा है कि भारत में आधुनिक उपभोक्ता वाहनों के मिड-एंड या टॉप-एंड मॉडल पसंद कर रहे हैं और ईंधन बचाने वाली किफायती पारंपरिक छोटी कारों से हटकर ज्यादा दामों वाली कई खूबियों से लैस बड़ी कारों की ओर बढ़ रहे हैं, जो गाड़ी के अंदर ज्यादा जगह, जमीन से ज्यादा ऊंचाई, सहज कनेक्टिविटी और बेहतर प्रदर्शन करती हैं।

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First Published - June 16, 2024 | 9:54 PM IST

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