स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनी Xiaomi India अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। इसके तहत वह भारत में स्मार्टफोन के अलावा दूसरे कारोबारों जैसे टेलीविजन, वियरेबल्स और टैबलेट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इसके साथ-साथ वह मोबाइल फोन में प्रीमियम श्रेणी पर भी जोर दे रही है, जिसमें बिक्री स्थिर बनी हुई है।
Xiaomi India के मुख्य परिचालन अधिकारी सुधीन माथुर ने कहा, ‘हम इस साल भारत में अपने गैर-स्मार्टफोन कारोबार पर दोगुना ध्यान दे रहे हैं। इसने भी कारोबार में काफी योगदान दिया है, हालांकि स्मार्टफोन अब भी हमारा मुख्य कारोबार है। इस साल हमारे राजस्व में गैर-स्मार्टफोन की 14 से 15 प्रतिशत हिस्सेदारी रही और त्योहारी सीजन में यह बढ़कर 18 से 19 प्रतिशत हो गई। हमारा लक्ष्य इस श्रेणी में 20 प्रतिशत से ज्यादा तक पहुंचना है।’
यह बात आंकड़ों में भी दिखती है। इस साल दूसरी तिमाही में टैबलेट की बिक्री में 140 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। पहले टीवी में सबसे ज्यादा योगदान 32 इंच वाले मॉडल का था, लेकिन अब प्रीमियम क्यूएलईडी श्रृंखला में इस साल पांच गुना बढ़ोतरी नजर आई है और Xiaomi के पास दुनिया भर में स्मार्टफोन के अलावा 400 से ज्यादा उत्पाद हैं, जिनमें होम अप्लायंसेज भी शामिल हैं।
चीनी कंपनी Xiaomi India कभी भारत में स्मार्टफोन के मामले में शीर्ष स्थान पर थी। लेकिन कुछ समय से शीर्ष 5 कंपनियों की सूची से बाहर हो गई है। काउंटर पॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 की तीसरी तिमाही में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में मूल्य के लिहाज से उसकी हिस्सेदारी 6 प्रतिशत से घटकर 4 और मात्रा के लिहाज से 11 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत (हालांकि यह चौथे स्थान पर आ गई) रह गई।
माथुर ने कहा कि कंपनी की रणनीति स्मार्टफोन में अपनी मजबूती वापस हासिल करना है। हालांकि कंपनी ने मात्रा पर ध्यान देने वाली भागीदार के तौर पर शुरुआत की थी, लेकिन पिछले कुछ साल में बाजार बदल चुका है और मात्रा में बढ़ोतरी धीमी हो गई है, लेकिन बिक्री का औसत मूल्य बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी रणनीति को बाजार के नए पहलुओं और महंगी श्रेणी की ओर उपभोक्ताओं के झुकाव के साथ जोड़ा है। फिलहाल एंड्रॉइड स्मार्टफोन में औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) 18,000 रुपये है और हम उससे थोड़ा कम हैं। साल 2026 में हमारा ध्यान एएसपी को बाजार के एएसपी से ज्यादा बढ़ाने पर होगा, जिससे हमें अपने मूल्य की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।’
हालांकि Xiaomi India ने स्मार्टफोन निर्यात करने से इनकार कर दिया, जबकि सरकार स्मार्टफोन बनाने वाली वैश्विक कंपनियों पर ऐसा करने के लिए जोर दे रही है। माथुर ने कहा, ‘निर्यात रणनीति कारोबारी अर्थव्यवस्था और विनिर्माण में आपकी मौजूदगी पर आधारित होती है। भारत में हम ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवाओं) वाले साझेदारों के जरिये विनिर्माण कर रहे हैं और वहां मौजूदा क्षमता हमारी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। हमने अपनी मौजूदा रणनीति के तहत निर्यात का मूल्यांकन नहीं किया है। हम बांग्लादेश को निर्यात किया करते थे, लेकिन अब नहीं।’