facebookmetapixel
Advertisement
ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को PM मोदी का न्योता, CECA समझौते को जल्द पूरा करने पर दिया जोरLaser Power & Infra IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला आईपीओ; जानें GMP, प्राइस बैंड, लॉट साइज और लिस्टिंग डेटADB ने घटाया भारत की विकास दर का अनुमान, महंगे तेल और बढ़ती लागत को बताया वजहQ1 Preview: अमेरिका से झटका, भारत से सहारा! Sun Pharma, Cipla समेत इन 9 फार्मा शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिशTCS के नतीजों से पहले IT शेयरों में दबाव, Nifty IT फिसला; Infosys, TCS और HCLTech में बिकवालीDL New Rules: महाराष्ट्र में 1 अगस्त से बदल जाएंगे नियम, सरकार के किया बड़ा बदलावFTA Review: 16 साल में 10 गुना बढ़ा व्यापार घाटा! अब FTA बदलने की तैयारी में भारतInsurance Industry में तेजी लौट आई, मई के मुकाबले जून में बड़ा उछालभारत 75 तरह के मसाले बनाता है, फिर भी क्यों पिछड़ रहा है? रिपोर्ट ने बताईं 5 सबसे बड़ी चुनौतियांभारत में 3.9 करोड़ Crypto निवेशकों के बीच RBI की नई चेतावनी

‘एआई विनियमन के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी’ : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Advertisement

मैग्ना-बोकोनी विश्वविद्यालय में ‘आर्थिक और जलवायु शक्ति में संतुलन’ विषय पर नेक्स्ट मिलान फोरम के पूर्ण सत्र में वित्तमंत्री ने AI पर अपनी बात रखी।

Last Updated- May 07, 2025 | 11:21 PM IST
सरकार पैसा दे रही, निजी क्षेत्र हुनर दे अच्छे कर्मचारी ले: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, Government is giving money, private sector should give skills and get good employees: Finance Minister Nirmala Sitharaman

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी की तर्ज पर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) को विनियमित करने के लिए किसी एक ढांचे पर वैश्विक समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘एआई और विनियमन हम सभी के लिए समझने और आगे बढ़ने का मसला बनने वाले हैं। ऐसा भी नहीं हो सकता कि कोई देश किसी निश्चित विनियामकीय ढांचे के जरिये एआई को संभालने का फैसला करे, मानो वह अन्य सभी देशों से स्वतंत्र हो।’

इटली के मिलान में औला

मैग्ना-बोकोनी विश्वविद्यालय में ‘आर्थिक और जलवायु शक्ति में संतुलन’ विषय पर नेक्स्ट मिलान फोरम के पूर्ण सत्र में उन्होंने आज कहा कि एआई के विकास के साथ ही विनियमन भी विकसित हो रहे हैं। विनियामकों को प्रौद्योगिकी के साथ बने रहना चाहिए और पीछे नहीं रहना चाहिए। सीतारमण ने भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता वार्ता के पूरी होने का स्वागत किया और कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते सामान्य चीज होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी है कि अपने व्यापार का विस्तार करने की प्रक्रिया में लगे देश समझौते करें और इसी रास्ते से हम अपने लिए निर्यात बास्केट का विस्तार कर सकते हैं।’

सीतारमण ने कहा कि भारत का लोकतंत्र तभी लाभदायक हो सकता है, जब लोगों को प्रशिक्षित किया जाए और उन क्षेत्रों में अवसरों का उपयोग करने के लिए तैयार किया जाए जिन पर ध्यान केंद्रित है। उन्होंने कहा, ‘हम डिजिटल अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, हम यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि डीप टेक भी तेजी से बढ़े।’

Advertisement
First Published - May 7, 2025 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement