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रिप्लेसमेंट को रफ्तार: स्क्रैपेज सेंटर पर अशोक लीलैंड का बड़ा दांव, सरकार से ज्यादा इंसेंटिव की मांग

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कंपनी के एक शीर्ष अ​धिकारी ने कहा कि वह जल्द ही अहमदाबाद, चेन्नई, जयपुर और दूसरे शहरों में आधा दर्जन स्क्रैपेज सेंटर स्थापित करेगी

Last Updated- January 25, 2026 | 10:22 PM IST
Ashok Leyland
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वा​णि​ज्यिक वाहन बनाने वाली दिग्गज कंपनी अशोक लीलैंड ने देश में वाहन रीप्लेसमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार से और ज्यादा इंसेंटिव देने की मांग की है। कंपनी के एक शीर्ष अ​धिकारी ने कहा कि वह जल्द ही अहमदाबाद, चेन्नई, जयपुर और दूसरे शहरों में आधा दर्जन स्क्रैपेज सेंटर स्थापित करेगी।

अशोक लीलैंड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्या​धिकारी शेनू अग्रवाल ने कहा, ‘हमें लगा था कि मौजूदा स्क्रैपिंग पॉलिसी काफी होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। मैं यह तो नहीं बता सकता कि कितने इंसेंटिव की जरूरत है, लेकिन यह काफी ज्यादा होना चाहिए।’ 

पिछले सप्ताह हिंदुजा समूह की भारतीय इकाई और देश की जानी-मानी कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने अपने दो सबसे मशहूर ट्रकों – टॉरस और हिप्पो को फिर से लॉन्च किया।

मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किया गया टॉरस हाई-हॉर्सपावर टिपर रेंज में सक्षम है, जबकि हिप्पो ट्रैक्टर पोर्टफोलियो का मुख्य हिस्सा है। इनकी पेशकश से उन नामों की वापसी हुई है जो लंबे समय से मजबूती और भरोसेमंद होने के लिए जाने जाते हैं और अब इन्हें भारत की अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए नई पीढ़ी की टेक्नॉलजी के साथ फिर से डिजाइन किया गया है। अशोक लीलैंड के आधुनिक एवीटीआर मॉड्यूलर ट्रक प्लेटफॉर्म पर बनी नई रेंज कई कॉन्फीगरेशन और फीचर ऑप्शन के जरिये ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देती है।

उन्होंने कहा, ‘टॉरस और हिप्पो को माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और निर्माण संबं​धित इस्तेमाल की जरूरतों के लिए खास तौर पर बनाया गया है। नई ट्रक रेंज में अशोक लीलैंड के ए-सीरीज 6-सिलिंडर का इस्तेमाल किया गया है और इसमें अब उद्योग का सबसे ज्यादा पीक टॉर्क और पावर है, जो बेजोड़ मजबूती और भरोसेमंद, ज्यादा उत्पादकता और तेज टर्नअराउंड टाइम देता है।’

उन्होंने कहा कि वा​णि​ज्यिक वाहन बाजार में मांग चक्र कुछ समय तक बरकरार रहेगा। अक्टूबर तक, मांग सपाट थी। हम हमेशा से कहते आ रहे हैं कि हमारे पास 11 साल से ज्यादा पुराने वाहन हैं। ऐतिहासिक रूप से, यह 7-8 साल था। जीएसटी 2.0 एक ऐसा बदलाव था जिसने पूरे उद्योग का कायाकल्प किया।  

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First Published - January 25, 2026 | 10:22 PM IST

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